CM योगी हरियाणा के सूरजकुण्ड में गृह मंत्री, भारत सरकार की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय चिन्तन शिविर में सम्मिलित हुए

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज हरियाणा के सूरजकुण्ड में श्री अमित शाह जी गृह मंत्री, भारत सरकार की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय चिन्तन शिविर में सम्मिलित हुए। चिन्तन शिविर में राज्यों के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, संघशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल तथा प्रशासक भाग ले रहे हैं। आयोजन को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि गृह मंत्री भारत सरकार के मार्गदर्शन में यह चिन्तन शिविर प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश जनसंख्या की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा और विविधताओं से युक्त प्रदेश है। इसलिए प्रशासनिक दृष्टि से यह एक चुनौतीपूर्ण राज्य भी है। इस चुनौती के बावजूद प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व तथा केन्द्रीय गृह मंत्री जी के मार्गदर्शन में वर्तमान राज्य सरकार उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को निरन्तर सुदृढ़ रखने में सफल सिद्ध हुई है। वर्तमान राज्य सरकार द्वारा विगत 05 वर्षाें में कानून-व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए पुलिस बल में 04 आयामों-भर्ती व प्रशिक्षण, पुलिस बल का आधुनिकीकरण, अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि तथा वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में तेजी से कार्य किये गये।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 में राज्य सरकार के गठन के बाद से पुलिस विभाग के विभिन्न पदों पर 01 लाख 50 हजार 231 भर्ती की गयी, जिसमें 22 हजार 218 से अधिक महिला कार्मिक सम्मिलित हैं। नवचयनित पुलिस कार्मिकों के प्रशिक्षण के लिए ट्रेनिंग की क्षमता में तीन गुना विस्तार किया गया। प्रदेश पुलिस के बजट में लगभग दोगुने की वृद्धि की गयी है। वर्ष 2017-18 में कुल बजट 16 हजार 115 करोड़ 18 लाख रुपये था, जो वर्ष 2021-22 में 30 हजार 203 करोड़ 92 लाख रुपये हो गया।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पुलिस बल को अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की गयी है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में इस कार्य के लिए 02 करोड़ 81 लाख 82 हजार रुपये आवंटित किए गए थे। वर्ष 2021-22 में 131 करोड़ 79 लाख रुपये पुलिस आधुनिकीकरण हेतु आवंटित किए गए। प्रदेश पुलिस बल में व्यापक सुधार किए गए। प्रदेश में पहली बार 04 पुलिस कमिश्नरेट-लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, कानपुर नगर तथा वाराणसी में बनाए गए। उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन किया गया। राज्य आपदा मोचन बल की 03 कम्पनियां क्रियाशील हैं। 03 अतिरिक्त कम्पनियों का गठन एवं पद सृजन किया गया है। पहले यू0पी0 में 02 साइबर थाने थे। हमारी सरकार ने प्रत्येक रेंज में साइबर थाने बनाए। 18 परिक्षेत्रीय थानों पर अत्याधुनिक साइबर फॉरेंसिक लैब तथा साइबर मुख्यालय लखनऊ पर एडवांस साइबर फॉरेंसिक लैब की स्थापना की जा रही है। मा0 गृह मंत्री जी के कर कमलों से लखनऊ में यू0पी0 स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज का शिलान्यास सम्पन्न हुआ। इसकी स्थापना की कार्यवाही तेजी से की जा रही है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के 08 जनपदों-लखनऊ, वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद, झांसी, प्रयागराज, गोरखपुर तथा मुरादाबाद में विधि विज्ञान प्रयोगशाला क्रियाशील हैं। 04 जनपदों-कन्नौज, अलीगढ़, गोण्डा तथा बरेली में विधि विज्ञान प्रयोगशाला निर्माणाधीन है। अवैध मादक पदार्थों के व्यापार/व्यसन की रोकथाम के लिए एण्टी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। प्रथम चरण में जनपद गाजीपुर व बाराबंकी में 02 थाने तथा मेरठ, लखनऊ व गोरखपुर जोन में 03 क्षेत्रीय शाखाएं स्थापित की गयीं। बहराइच, श्रावस्ती, अलीगढ़, मेरठ तथा सहारनपुर के लिए ए0टी0एस0 फील्ड यूनिट कार्यालय स्वीकृत किए गए। गोरखपुर, आगरा, बरेली तथा प्रयागराज में एस0टी0एफ0 फील्ड यूनिट कार्यालय को स्वीकृति प्रदान की गयी। पुलिस सुदृढ़ीकरण एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के उद्देश्य से सरकार द्वारा कुल 244 थाने व 133 चौकियां स्थापित की गयी हैं। बिजली चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी 75 जनपदों में एक-एक एण्टी पावर थेफ्ट पुलिस थाना स्थापित किया गया। मानव तस्करी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 40 एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को थाना घोषित किया गया है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने मातृ शक्ति का सम्मान करते हुए प्रदेश में पहली बार 03 महिला पी0ए0सी0 बटालियन का गठन किया है। इसके अन्तर्गत वीरांगना झलकारी बाई महिला पी0ए0सी0 बटालियन गोरखपुर, वीरांगना अवंतीबाई महिला पी0ए0सी0 बटालियन बदायूं तथा वीरांगना उदादेवी महिला पी0ए0सी0 बटालियन लखनऊ की स्थापना की गयी है। जालौन, बलरामपुर तथा मिर्जापुर में 03 महिला पी0ए0सी0 वाहिनियों के गठन हेतु कार्यवाही प्रचलित है। पुलिस के लिए अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि, पुलिस रिफॉर्म तथा पुलिस बल को तकनीकी से जोड़ने के अच्छे नतीजे आए हैं। प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने में मदद मिली है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में अपराध में निरन्तर कमी आ रही है। वर्ष 2016 के सापेक्ष 30 सितम्बर, 2022 तक डकैती के अपराधों 80.31 प्रतिशत, लूट के अपराधों में 61.51 प्रतिशत, हत्या के अपराधों में 32.45 प्रतिशत, बलवा के अपराधों में 51.65 प्रतिशत, फिरौती हेतु अपहरण के अपराधों में 43.18 प्रतिशत तथा बलात्कार के अपराधों में 21.75 प्रतिशत कमी आयी है। वर्ष 2016 के सापेक्ष 30 सितम्बर, 2022 तक निरोधात्मक कार्यवाही में बढ़ोत्तरी के तहत शस्त्र अधिनियम में 47.15 प्रतिशत, एन0डी0पी0एस0 अधिनियम में 91.90 प्रतिशत, गैंगस्टर अधिनियम में 43.18 प्रतिशत, रासुका में 08.98 प्रतिशत तथा आबकारी एक्ट में 57.45 प्रतिशत निरोधात्मक कार्यवाही बढ़ी है। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से प्रदेश में साम्प्रदायिक सौहार्द का वातावरण कायम है। सभी वर्गों में आपसी सौहार्द एवं समरसता अक्षुण्ण है। प्रदेश में समस्त महत्वपूर्ण त्योहार, मेले, जुलूस, अतिविशिष्ट महानुभावों की यात्राएं, राजनीतिक रैलियां, प्रदर्शन आदि शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुए। प्रयागराज कुम्भ-2019, लोक सभा सामान्य निर्वाचन-2019, त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2021 तथा विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 को सकुशल सम्पन्न कराया गया।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार की अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस की नीति है। प्रदेश में अपराधियों पर कड़ा शिकंजा कसने के लिए गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत 58,648 तथा एन0एस0ए0 में 807 अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही की गयी। प्रदेश के 50 कुख्यात माफिया अपराधियों व गैंग के सदस्यों/सहयोगियों द्वारा अवैध कृत्यों से अर्जित सम्पत्तियों में 2,268 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्ति का जब्तीकरण/ध्वस्तीकरण व अवैध कब्जे से अवमुक्त कराया गया। चिन्हित माफियाओं के 18 मुकदमों में प्रभावी पैरवी कर 11 माफिया तथा उनके 28 सहअपराधी, कुल 39 को आजीवन कारावास/कठोर कारावास व अर्थदण्ड की सजा करायी गयी है। इनमें 02 को फांसी की सजा हुई है। विभिन्न माफियाओं व अन्य अपराधियों की कुल 44 अरब 59 करोड़ रुपये की सम्पत्ति का जब्तीकरण/ध्वस्तीकरण किया गया। माफिया अपराधियों की अवैध सम्पत्ति का जब्तीकरण करते हुए उन पर बालिकाओं के लिए कॉलेज तथा निर्बल वर्ग हेतुु आवास बनाये जा रहे हैं। इससे समाज में एक बेहतर संदेश गया है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में कोई ऐसा संगठित अपराधी नहीं है जो जेल के बाहर स्वच्छन्द विचरण कर रहा हो। ऐसे अपराधी या तो जेल भेज दिये गये हैं अथवा गिरफ्तारी के दौरान आत्मरक्षार्थ पुलिस कार्यवाही में मारे गये हैं। पुलिस की इन कार्यवाहियों ने समाज के सभी वर्गों विशेषकर महिलाओं, बालिकाओं, कमजोर वर्गों एवं व्यापारियों में सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ किया है। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा एवं उनके सशक्तीकरण हेतु ‘एण्टी रोमियो स्क्वॉड’ का गठन कर अनवरत अभियान चलाया जा रहा है। इससे महिलाओं, विशेषकर छात्राओं/बालिकाओं में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ हुई है। ‘एण्टी रोमियो स्क्वॉड’/महिला सुरक्षा हेतु गठित विशेष दल द्वारा 63 लाख 19 हजार से अधिक स्थानों पर 01 करोड़ 86 लाख 25 हजार से अधिक व्यक्तियों को चेक किया गया। 16 हजार 162 अभियोग पंजीकृत कराते हुए 22 हजार 505 व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गयी। 74 लाख 65 हजार से अधिक व्यक्तियों को चेतावनी दी गयी।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन के उद्देश्य से प्रदेश में ‘मिशन शक्ति’ अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अन्तर्गत पुलिस की व्यापक कार्यवाही से महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा की प्रबल भावना जागृत हुई है। प्रदेश के प्रत्येक थाने पर महिला बीट आरक्षी तथा महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गयी है। सभी जनपदों में 14,072 महिला पुलिस कार्मिकों को नियुक्त करते हुए 10,463 महिला बीट का आवंटन किया गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर 21,382 मिशन शक्ति कक्ष स्थापित कर 10,721 महिला पुलिस कर्मियों की नियुक्ति की गयी।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस को पूरे देश में सर्वाधिक अपराधियों को सजा दिलाने में सफलता मिली है। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में सजा दिलाने में उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है। प्रदेश की 59.1 प्रतिशत सजा की दर समस्त राज्यों में सर्वाधिक है। यह 26.6 प्रतिशत सजा की दर के राष्ट्रीय औसत से दोगुने से भी अधिक है। लखनऊ में 194.44 करोड़ रुपये की सेफ सिटी परियोजना स्वीकृत की गयी है। सभी मण्डल मुख्यालयों तथा नोएडा शहर के सार्वजनिक स्थलों व शैक्षणिक संस्थानों के समीप सी0सी0 टी0वी0 कैमरों की स्थापना के लिए राज्यव्यापी सी0सी0 टी0वी0 योजना प्रस्तावित है। 03 हजार पिंक बूथ की स्थापना का प्रस्ताव है। प्रदेश में 218 पॉक्सो न्यायालयों का गठन किया गया।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ई-प्रोसिक्यूशन प्रणाली के उपयोग में उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है। ‘यू0पी0 कॉप’ मोबाइल ऐप के माध्यम से पुलिस विभाग से सम्बन्धित 26 सेवाएं जनसामान्य को प्रदान की जा रही हैं। सभी कमिश्नरेट तथा जनपदों में संचालित विशेष अभियान के दौरान चिन्हित किये गये 1083 अवैध टैक्सी/बस/ऑटो स्टैण्ड को हटाया गया। प्रदेश में एक अभियान के अंतर्गत धार्मिक स्थलों से 86,785 लाउडस्पीकर हटवाए गए तथा 68,676 लाउडस्पीकरों की ध्वनि मानक के अनुसार कम करवायी गयी।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश पुलिस बल के कार्मिक अत्यन्त कठिन परिस्थितियों में भी रात-दिन अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि मानकर अपराधों पर नियंत्रण करने, कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने, सामाजिक सौहार्द स्थापित करने एवं विशेषकर बालिकाओं तथा महिलाओं की सुरक्षा करने में सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं। राज्य सरकार उनके कल्याण के प्रति संवेदनशील है। इसके दृष्टिगत हमने अनेक कदम उठाये हैं। पुलिस मुठभेड़ में घायल कर्मी के कोमा में जाने के उपरान्त कर्मी को असाधारण पेंशन अनुमन्य करने वाला उत्तर प्रदेश देश का एक मात्र राज्य है। कर्तव्यपालन के दौरान शहीद होने वाले पुलिस कर्मियों के आश्रितों को देय अनुग्रह राशि 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गयी।
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