मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार को ईडी ने दी घर जाने की इजाजत

रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी अवैध खनन, टेंडर मैनेज कर कमाई और मनी लॉउंड्रिंग मामले की जांच कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू से दूसरे दिन गुरुवार को भी लगभग नौ घंटे तक ईडी पूछताछ की। पूछताछ के बाद ईडी ने अभिषेक प्रसाद को घर जाने की इजाजत दे दी। हालांकि अभिषेक प्रसाद को शुक्रवार को फिर पूछताछ के लिए एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी ऑफिस बुलाया गया है।

इससे पहले वह बुधवार को ईडी कार्यालय पहुंचे थे। ईडी ने उनसे परिवारों के सदस्यों के अलावा उनके आय की जानकारी ली। साथ ही उनकी आय के विभिन्न स्रोतों के बारे में भी सवाल पूछे थे। अभिषेक प्रसाद के नाम पर 12 से अधिक कंपनियां निबंधित है। इन कंपनियों में अधिकांश अब स्ट्राइक ऑफ की प्रक्रिया में है । इस स्थिति में ईडी की टीम इन कंपनियों और उसमें निवेश के पहलूओं पर पिंटू से पूछताछ की थी। पूर्व में पिंटू एक अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए थे। ईडी ने 26 जुलाई को मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू को समन भेजा था। इससे पहले 19 जुलाई को इडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा से पूछताछ की थी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

ईडी ने गुरुवार को अभिषेक के अलावा रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े सुजीत सिंह और साहिबगंज के सोनू सिंह से भी पूछताछ की।

निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के सीए सुमन सिंह के काफी करीबी माने जाने वाले रियल स्टेट से जुड़े सुजीत सिंह से भी पूछताछ की। सुजीत सिंह ईडी के बुलावे पटना से रांची पहुंचे थे। सूत्रों ने बताया कि ईडी ने उन लोगों के बारे में सुजीत से जानकारी मांगी, जिन्होंने सुमन सिंह के जरिए रांची में जमीन का निवेश किया है। पहले भी ईडी ने सुजीत सिंह से पूछताछ की थी। पंकज मिश्रा और अभिषेक प्रसाद से पूछताछ में आए तथ्यों के बाद फिर से सुजीत को ईडी ने बुलाया था। ईडी ने साहिबगंज में फेरी सर्विस से जुड़े सोनू सिंह से भी गुरुवार को पूछताछ की।

गौरतलब है कि ईडी की टीम साहिबगंज जिले में टेंडर मैनेज कर पसंद के लोगों को ठेका दिलाने और पत्थर का अवैध उत्खनन की जांच कर रही है।

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