दुनिया का भाग्यविधाता बन सकता है भारत: अनिल ओक

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने कहा कि हमें राष्ट्र के जीवन मूल्यों की रक्षा करनी होगी। समय-समय पर हमारे देश के महापुरूषों ने अपने जीवन को दांव पर लगाकर भारतीय संस्कृति के जीवन मूल्यों की रक्षा की।

उन्होंने कहा कि राम, कृष्ण, शिवाजी, महाराणा प्रताप, गुरू गोविन्द सिंह जैसे नायकों ने जीवन मूल्यों की स्थापना के लिए त्याग किया। इसलिए भारत यदि भारत नहीं रहा और भारत की संस्कृति, परम्परा और जीवन मूल्य नहीं बचे तो हम कितना भी विकास कर लें, उस विकास का कोई मतलब नहीं।

दुनिया का भाग्यविधाता बन सकता है भारत

अनिल ओक ने कहा कि दुनिया को देने के लिए हमारे पास बहुत है। हमारे पूर्वजों ने दुनिया को पहले बहुत कुछ दिया भी है। सारी दुनिया के संकटमोचक हम बन सकते हैं। दुनिया के भाग्य विधाता बन सकते हैं। सम्पूर्ण विश्व का मार्गदर्शन भारत कर सकता है और भारत का मार्गदर्शन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कर सकता है।

बुधवार को श्री ओक माधव सभागार निरालानगर में आयोजित रक्षाबंधन उत्सव को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर भाग द्वारा आयोजित किया गया था।

रक्षाबंधन धर्म का बंधन

अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने कहा कि विकास की पहली सीढ़ी है रक्षा और रक्षा की पहली शर्त बंधन है। हम सुरक्षित रहें, हमारे विचार, हमारी संस्कृति सुरक्षित रहे, इसके लिए धर्म का बंधन जरूरी है।

अपने विचारों की रक्षा अपने जीवन में आचरण से करनी होगी

उन्होंने कहा कि पाश्चात्य जगत की संस्कृति द्वारा हमारी संस्कृति पर कुठाराघात हो रहा है। हमें अपने विचारों की रक्षा अपने जीवन में आचरण के द्वारा करनी होगी। हिन्दू संस्कृति के अनुसार कर्म करें।

सामाजिक समरसता का भाव हमारे परिवार में दिखना चाहिए

अनिल ओक ने कहा कि किसी भी उत्सव के पीछे का भाव क्या है, अगर उसको नहीं समझे तो वह कर्मकांड ही बनकर रह जायेगा। सम्पूर्ण समाज की रक्षा का दायित्व हमारे पास है। रक्षाबंधन के उत्सव के अवसर पर हमें जल-जंगल-जमीन की रक्षा का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता का भाव हमारे परिवार में दिखना चाहिए। हमारे घरों में संत महापुरूषों के चित्र होने चाहिए। उत्सव व पर्व के मौके पर हमें सेवा बस्तियों में जाकर वंचित बंधुओं के साथ मनाना चाहिए। सफाई कर्मी हों, मेहतर हों उन्हें अपने घरों में आमंत्रित करना चाहिए।

इस अवसर पर अवध प्रान्त के प्रान्त प्रचारक कौशल, विभाग संघचालक एडवोकेट जयकृष्ण सिन्हा, विभाग कार्यवाह अमितेश, उत्तर भाग के भाग संघचालक डा. विश्वजीत सिंह और जिला प्रचारक सुदीप्त प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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