कोविड–19 वैश्विक महामारी को रोकने के लिए किये गये बेहतर प्रयास : स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी

कोविड–19 वैश्विक महामारी को रोकने के लिए किये गये बेहतर प्रयास : स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी

भोपाल : स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा बेहतर प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि हम प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति शून्य तक पहुँच चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 11 मार्च, 2020 को कोविड-19 को एक वैश्विक महामारी घोषित किया गया। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की पहल पर राज्य शासन द्वारा रोड मेप तैयार किया गया, जिसमें कोविड के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए योजनाबद्ध तरीके से टेस्ट, आइसोलेट, ट्रीट एवं कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि प्रदेश में वृहद स्तर पर चार चरणों में किल कोरोना अभियान संचालित किया गया। इसमें निरंतर कन्टेनमेंट जोन बनाकर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और गहन सर्वेक्षण के माध्यम से कोविड 19 की सघन निगरानी की गई, जिससे कोविड 19 संक्रमण को फैलने से रोकने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहाकि स्वास्थ्य विभाग की अप्रैल 2020 में कोविड टेस्टिंग क्षमता 1000 व्यक्ति प्रतिदिन थी। जिसे बढ़ाकर वर्तमान में RT-PCR की कुल 33 लैब में टेस्टिंग क्षमता 1 लाख 24 हजार 320 व्यक्ति प्रतिदिन की गई। निजी चिकित्सालयों से भी अनुबंध कर कोविड संक्रमण की जाँच एवं उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर जिले मे रैपिड एंटिजन टेस्ट (RAT) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें प्रदेश स्तर पर अधिक से अधिक कोविड टेस्ट कर संक्रमण की चेन को तोड़ में कामयाबी हासिल की।

मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि कोविड 19 महामारी को रोकने के लिए लोक स्वास्थ्य विभाग द्वारा “सहयोग से सुरक्षा” अभियान चलाया गया, जिसमें नगरीय प्रशासन, पुलिस, राजस्व और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग के अलावा जन-प्रतिनिधियों, विभिन्न धर्म के धर्म गुरूओं, सामाजिक संगठन, साहित्य, विज्ञान, खेल, कला और अन्य क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की सहभागिता एवं जन-भागीदारी से कोविड 19 जैसी महामारी को रोकने में काफी हद तक सफल हुये हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने भी जन-भागीदारी मॉडल की सराहना की और अन्य प्रदेशों को भी जन-भागीदारी मॉडल को लागू किये जाने के लिए कहा गया।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 की तीसरी लहर की चुनौती का सामना करने के लिए व्यापक तैयारियाँ की। प्रदेश के सभी जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए 204 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किये गये हैं। अस्पतालों में 16 हजार 289 ऑक्सीजन कंसट्रेटर में प्रदान किये गये। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार ऑक्सीजन प्लांट को क्रियाशील रखा जा रहा है। इसके लिए जिला स्तर पर आउटसोर्स ऐजेंसी के माध्यम से आई.टी प्रशिक्षित टेक्नीशियन की नियुक्ति की गई है। प्रदेश के 34 जिला चिकित्सालयों में 6 किलो लीटर के लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के टेंक स्थापित किये गये हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन सर्पोटेड बेड की संख्या भी बढ़ाई गई है। विभाग द्वारा ऑक्सीजन की उपलब्धता बनाये रखने के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

मंत्री  चौधरी ने कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों में कोविड 19 की परिस्थितियों में आवश्यक औषधियाँ उपकरण और अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। होम आइसोलेशन मरीजों को मेडिकल किट का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड 19 संक्रमण से निपटने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई, जिसमें 6,630आइसोलशन बेड, 15,080 ऑक्सीजन युक्त बेड, आई.सी.यू/एच.डी.यू. बेड 1331 एवं 510 पी.आई.सी.यू. बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। प्रदेश में 42 जिला चिकित्सालयों और 3 सिविल अस्पताल में पी.पी.पी. मोड में सीटी स्केन सेवायें प्रारंभ की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि होम आइसोलेटेड कोविड 19 के रोगियों की पृथक से निगरानी के लिए प्रत्येक जिलें में डेडिकेटेड कोविड कमांड और कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है। प्रत्येक सेन्टर पर 24 घंटे चिकित्सकों की टीम तैनात की गई है। उन्होंने बताया कि नवीन वैरियेन्ट्स की पहचान के लिए प्रदेश में दस Sentinel Sites को चिन्हांकित कर नियमित सैम्पलिंग जाँच की गई और प्रदेश में WGS के लिए 3 लेब स्थापित की गई। प्रदेश में 1594 फीवर क्लीनिक संचालित किये जा रहे हैं। कोविड केयर सेंटरों की स्थापना और संचालन किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक वार्ड स्तर पर कोविड सहायता केन्द्र बनाये गये हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि विभाग द्वारा सार्थक पोर्टल पर तैयार किया गया, जिसमें प्रदेश के सभी निजी एवं शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तर और भर्ती मरीजों की जानकारी संधारित की गई। कोविड 19 स्थिति को निरंतर मॉनिटरिंग करने के लिए उच्च स्तरीय एवं सघन समीक्षा की जाकर अर्न्तर्विभागीय समन्वय तथा सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए संक्रमण को रोकने में सफलता प्राप्त की। मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि कोविड टीकाकरण अभियान में भी मध्यप्रदेश अव्वल स्थान पर है।

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