क्षेत्रीय सरस मेला : ’बिहान’ की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित प्राकृतिक उत्पादों के प्रति लोगों में जबरदस्त उत्साह

क्षेत्रीय सरस मेला : ’बिहान’ की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित प्राकृतिक उत्पादों के प्रति लोगों में जबरदस्त उत्साह

रायपुर : रायपुर के पंडरी स्थित छत्तीसगढ़ हाट परिसर में 10 दिवसीय क्षेत्रीय सरस मेला का शुभारंभ आज छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष  कुलदीप सिंह जुनेजा ने किया। मेले का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और विक्रय के लिए किया गया है।


कार्यक्रम का शुभारंभ राजगीत से हुआ।  जुनेजा ने प्रदर्शनी स्थल पर लगे स्टालों का अवलोकन कर शिल्पकारों का उत्साहवर्धन किया। ’बिहान’ की महिला स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित प्राकृतिक उत्पादों के प्रति लोग सहज ही आकर्षित हो रहे हैं। कार्यक्रम में संचालक ग्रामोद्योग सुधाकर खलखो, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की राज्य संचालक  इफ्फत आरा, संयुक्त मिशन संचालक  आर.के. झा भी उपस्थित थे।


दस दिवसीय मेले में छत्तीसगढ़ के साथ ही कई राज्यों के ग्रामीण समुदायों द्वारा निर्मित सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाई गई है। मेला में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के फूड स्टॉल लगाए गए हैं। आज लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुति भी दी गई। मेला का आयोजन प्रतिदिन सवेरे 11 बजे से रात नौ बजे तक होगा तथा प्रदर्शनी देखने आए लोग सांस्कृतिक संध्या का भी आनंद ले सकेंगे।   


राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गांवों की समृद्धि और रोजगार के लिए संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन - ‘‘बिहान’’ योजना के अंतर्गत इस क्षेत्रीय सरस मेला का आयोजन किया गया है। मेला में ‘बिहान’ के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गठित महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित कई विशिष्ट जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी-सह-विक्रय की व्यवस्था की गई है। कोसा, सिल्क, खादी, हैण्डलूम, बेलमेटल, टेराकोटा, बांस, काष्ठ शिल्प इत्यादि ग्रामोद्योग के उत्पाद प्रदर्शनी और बिक्री के लिए उपलब्ध है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से रसायन मुक्त विशेष उत्पादों जैसे सुगंधित चावल, ब्लैक राइस, मसाले, तेल, वनोपज आधारित दुर्लभ उत्पाद, शहद इत्यादि भी मेला में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। मेले में असम, गुजरात, मध्यप्रदेश, ओड़िसा, उत्तरप्रदेश और राजस्थान सहित अनेक राज्यों की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट उत्पाद भी प्रदर्शनी-सह-विक्रय के लिए उपलब्ध है।

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