बरसाना रंगोत्सव का होली और मयूर नृत्य की प्रस्तुति के साथ हुआ समापन

बरसाना रंगोत्सव का होली और मयूर नृत्य की प्रस्तुति के साथ हुआ समापन


बरसाना रंगोत्सव का होली और मयूर नृत्य की प्रस्तुति के साथ हुआ समापन


-दो दिवसीय रंगोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम

-गौरामणि दासी के जै राधे-राधे के उद्घोष से आनंदित हुआ बरसाना

-बाबा चित्र-विचित्र के भजनों की धुन पर झूमे श्रोता

मथुरा,11 मार्च (हि.स.)। बरसाना की सुप्रसिद्ध लट्ठमार होली को लेकर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद एवं पर्यटन मंत्रालय के सयुंक्त तत्वावधान में आयोजित बरसाना रंगोत्सव-2022 का शुक्रवार की शाम मयूर नृत्य और होली के साथ समापन हो गया। दो दिवसीय रंगोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। अलग अलग राज्यों से आए कलाकारों ने भारतीय संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियों से लोगों का दिल जीत लिया।

रंगोत्सव-2022 के दूसरे दिन शुक्रवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत बाबा चित्र विचित्र के भजनों की धुन पर श्रोता झूम उठे। ...मेरी विनती यही है राधा रानी कृपा बरसाए रखना भजन ने श्रोताओं को सराबोर कर दिया। रंगोत्सव का शुभारंभ सुप्रसिद्ध ब्रज लोक संगीत गायक जगदीश शर्मा, फूल चंद के फॉग गायन एवम ब्रज लोकगीत से हुआ, जिसमें उन्होंने ’होली खेले तो बरसाने आ जइयो रसिया’ तथा ’नेक आगे आ श्याम तोपे रंग डालूं’ से हुआ। मयूर नृत्य और होली की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके बाद इस्कॉ़न से जुड़ी गौरामणि देवी दासी ने हरे राम हरे कृष्ण महामंत्र के संकीर्तन से दर्शकों को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया। गौरामणि दासी ने जै राधे राधे जै राधे राधे के उद्घोष से आनन्दमय कर दिया। राजस्थान से आए बनय सिंह प्रजापति द्वारा केसरिया बालम से प्रारम्भ कर रिम भवई, खारी डान्स आदि नृत्य से समा बांध दिया। इंडिया गॉट टेलेंट के बाल कलाकार प्रवीण प्रजापति ने सात गिलासों पर मटका भवई कर दांतों तले ऊंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।

बृज की पारंपरिक लोक विधा होली मयूर की प्रस्तुति ब्रज लोक मंच के संजय शर्मा व साथियों द्वारा मंच पर की गयी। उन्होंने ’मेरे कान्हा जब आए पलट के,आज होरी मै खेलूंगी डट के’ गाया, तब सभी दर्शक अपने स्थान पर खड़े होकर मस्ती से झूमने और नाचने लगे। इसके पश्चात उन्होंने ’नेक आगे आ श्याम तोपे रंग डारुं, नेक आगे आ’ और बरसाने की मोर कुटी पे मोर बन आययो रसिया से मयूर की प्रस्तुति दी। समापन होली से हुआ। कार्यक्रम में लोग जहां एक ओर होली के गीतों का आनंद ले रहे थे, वहीं दूसरी ओर इस्कॉन मंदिर के भक्तों द्वारा सुमधुर महामंत्र ’हरे कृष्ण हरे कृष्ण’ द्वारा भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंत में महावीर चाहर के निर्देशन में जिकडी गायन के साथ रसिया गायन कर कार्यक्रम का समापन किया।

इस अवसर पर बृज तीर्थ विकास परिषद के सी ई ओ नागेंद्र प्रताप, विकास प्राधिकरण के सचिव राजेश. ओ एस डी क्रांति शेखर, डिप्टी सीईओ पंकज वर्मा, पर्यटन अधिकारी डी के शर्मा, आयोजन समिति से समन्वयक अनूप शर्मा, संजय शर्मा, दूधनाथ, डॉ उमेश शर्मा आदि ने सभी कलाकारों का स्वागत करने के साथ समापन पर फूल होली खेली। कार्यक्रम का संचालन अनिल चतुर्वेदी, विजेता चतुर्वेदी एवम दीक्षा सिंह ने संयुक्त रूप से किया। धन्यवाद ज्ञापन पंकज वर्मा ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार/महेश

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