राज्य शूटिंग अकादमी परिसर में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का अत्याधुनिक इंडोर शूटिंग रेंज

राज्य शूटिंग अकादमी परिसर में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का अत्याधुनिक इंडोर शूटिंग रेंज

भोपाल : मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अत्याधुनिक इंडोर फायनल शूटिंग रेंज का निर्माण किया जायेगा। इस रेंज के बन जाने पर मध्यप्रदेश में वर्ल्ड कप का आयोजन किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश ने शूटिंग वर्ल्ड कप की मेजबानी का प्रस्ताव भेजा है। यह जानकारी खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने मंगलवार को टी.टी. नगर स्टेडियम में मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी की राइफल विधा की एशियन गेम्स के लिये की जा रही तैयारियों की समीक्षा के दौरान दी।

खेल मंत्री सिंधिया ने कहा कि शूटिंग के लिये पूरे प्रदेश में दोबारा टेलेंट सर्च करें। सिर्फ भोपाल, इंदौर के बच्चों को ही नहीं, सुदूर इलाकों से भी नई प्रतिभाओं को खोजें और तैयार करें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी के हाई परफार्मेंस प्रशिक्षकों की मदद से हम इतने सामर्थ्यवान हैं कि नई प्रतिभा को तराशकर ओलिम्पिक में मैडल के लिये तैयार कर सकें। खेल मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षक हर खिलाड़ी के खेल के सकारात्मक और कमजोर पक्ष की मॉनीटरिंग लगातार करे। प्रशासनिक और व्यवस्थाओं में कमी हो, तो संचालक खेल को अवगत करायें। सिंधिया ने कहा कि अकादमी के खिलाड़ियों को गर्म भोजन ही उपलब्ध कराया जाये। खिलाड़ियों की सुविधाओं में कोई भी कोताही नहीं बरती जाये। राइफल शूटिंग की हाई परफार्मेंस प्रशिक्षक सुमा शिरूर और संचालक खेल एवं युवा कल्याण रवि गुप्ता मौजूद थे।

भोपाल में बनेगा ऑर्टिफिशियल सलालम कोर्स

खेल मंत्री सिंधिया ने वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी की सलालम विधा की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ओलिम्पिक की तर्ज पर भोपाल में ऑर्टिफिशियल सलालम कोर्स विकसित किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को 10 दिन में सम्पूर्ण जानकारी एकत्रित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। सिंधिया ने सलालम और केनोइंग के प्रशिक्षकों से कहा कि दृढ़ निश्चय के साथ प्रशिक्षण दें और इसी भावना को अपने खिलाड़ियों में भी पैदा करें। ऐसी तैयारियाँ करें, जिससे भारत में मध्यप्रदेश के सलालम स्पोर्ट्स सबसे पहले पायदान पर हो ।सिंधिया ने कहा कि केनो, सलालम के लिये एक माह के अंदर टेलेंट सर्च करें और इस अद्भुत खेल से जोड़ने के लिये नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करें। उन्होंने प्रशिक्षकों को महीने में दो बार संचालक से मुलाकात कर व्यवस्थाओं और अपनी परेशानी आदि के बारे में जानकारी साझा करने के निर्देश दिये।

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