पूर्व पत्रकार एमवी आर शास्त्री द्वारा लिखित पुस्तक 'नेताजी' का हुआ विमोचन

पूर्व पत्रकार एमवी आर शास्त्री द्वारा लिखित पुस्तक 'नेताजी' का हुआ विमोचन


पूर्व पत्रकार एमवी आर शास्त्री द्वारा लिखित पुस्तक 'नेताजी' का हुआ विमोचन


-युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं नेता जीः दत्तात्रेय होसबले

हैदराबाद, 25 फरवरी (हि.स.)। हैदराबाद के रविंद्र भारती में शुक्रवार शाम को पूर्व पत्रकार एवं तेलुगु दैनिक आंध्र भूमि के पूर्व संपादक श्री एमवी आर शास्त्री द्वारा लिखित पुस्तक “नेताजी” का विमोचन किया गया।

हैदराबाद स्वयंसेवी संगठन धर्म शक्ति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने हिस्सा लिया। अन्य अतिथि के रूप में राम कृष्णा मटके पूज्य शत कांटआनंद स्वामीजी, बिहार उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस नरसिम्हा रेड्डी, भारत संचार निगम के पूर्व अध्यक्ष डॉ हनुमान चौधरी मंच पर उपस्थित रहे।

दत्तात्रेय होसबले ने कहा कि नेता जी युवकों के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं, उनका नाम सुनते ही मन के अंदर एक स्मरण, उत्साह और भावना जाग उठती है। विवेकानंद और अरबिंदो से प्रेरणा पाने वाले नेताजी को चिरंजीवी बताया और कहा कि उनके अंत होने की पुष्टि शोध, अध्ययन के बाद नहीं हुई। लिहाजा उनकी मौत आज भी रहस्य है।

संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय ने कहा कि बोस जी के गांधीजी से मतभेद रहे फिर भी उन्होंने एक शब्द नहीं कहा। गांधी जी ने कहा था कि आपके विचार से मुझे मतभेद है, लेकिन मैं आशीर्वाद नहीं दे सकता।

श्री एमवी आर शास्त्री लेखक हैं, जिन्होंने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के बारे में पुस्तक में बताया है कि नेताजी भेष बदलकर अज्ञात रूप से लम्बे समय तक रहे। पुस्तक में सुभाष चन्द्र बोस के बारे में उनके जीवन-मृत्यु जैसे विवादास्पद तथ्यों पर ध्यान आकर्षण और 1945 में विमान दुर्घटना में नेता जी की मृत्यु के बारे में तथ्यात्मक प्रकाश डाला गया है।

लेखक शास्त्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस के शासन में तीन कमीशन घटित की गई लेकिन नेता जी की मौत के रहस्य के फाइलो को सार्वजानिक नहीं किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार/ नागराज

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