कुख्यात सट्टा किंग अजीम रुड़की से गिरफ्तार

कुख्यात सट्टा किंग अजीम रुड़की से गिरफ्तार


कुख्यात सट्टा किंग अजीम रुड़की से गिरफ्तार


-अजीम पर मुरादाबाद के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं नौ मुकदमें

मुरादाबाद,26 फरवरी (हि.स.)। पुलिस ने सट्टा किंग अजीम को गिरफ्तार करके सट्टे के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अजीम ने मुरादाबाद के थाना सिविल लाइंस, सदर कोतवाली, नागफनी, मुगलपुरा, कटघर आदि थाना क्षेत्रों में अपने अवैध कारोबार का नेटवर्क फैला रखा था। वह लोगों से पैसा कलेक्ट करके उसे दिल्ली से संचालित हो रही सट्टा किंग नाम की वेबसाइट में लगाता था।

शनिवार देर रात को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बब्लू कमार ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कांफ्रेंस कर अजीम के नेटवर्क का खुलासा किया। मुरादाबाद में कोतवाली थाना क्षेत्र के नई बस्ती का रहने वाला अजीम वेबसाइट बनाकर सट्टे का धंधा कर रहा था। अजीम का सट्टा साम्राज्य इतना बड़ा था कि उसने रकम वसूली के लिए 12 से अधिक मुंशी रख रखे थे, जो सट्टे की रकम महानगर के अलग-अलग स्थानों से एकत्रित करते थे। रूबी उर्फ मुनीन नाम का व्यक्ति अजीम का सबसे प्रमुख था, जो मुंशियों से पैसे कलेक्शन करता था। रकम की लेनदेन नोट के आधे टुकड़े के मिलान से होती थी। लोकल एजेंट्स को अजीम 10 फीसदी रकम देता था। 3 फीसदी रकम खर्चा पानी के नाम पर अलग रखी जाती थी। मुरादाबाद के साथ अमरोहा में भी अजीम ने अपना सट्टे का नेटवर्क फैला रखा था। सट्टा किंग अजीम ने जुए और सट्टे के धंधे से करोड़ों रुपये की संपत्ति जुटा ली है। नई बस्ती में ही उसका एक चार मंजिला आलीशान मकान है। यहीं उसके तीन अन्य मकान भी हैं। पुलिस उसकी बाकी संपत्तियों के बारे में भी पता लगाने की कोशिश कर रही है।

कप्तान बब्लू कुमार ने बताया कि अजीम के ऊपर मुरादाबाद के अलग-अलग थानों में दर्ज 09 मुकदमों में फरार चल रहे अजीम को कोतवाली पुलिस ने देर रात रुड़की से गिरफ्तार किया है। अजीम ने सट्टे की रकम की वसूली के लिए नवीन, फैजल, जमील रईस समेत 10 मुंशी रख रखे थे। एसएसपी ने आगे बताया कि अजीम ने कीब 20 साल पहले भूड़ा का चौराहा निवासी सट्टा किंग इस्लाम से सट्टे का काम सीखा था। इसके बाद वह सट्टे की दुनिया का बेताज बादशाह है। मुल्ला आसिम जुआघरों के संचालन में उसकी मदद करता है। जमाल उर्फ मोटा उसका पार्टनर है और वह जुआ घरों की देखभाल करता है। लोगों को जुआ खिलाने के लिए आसिम अपने नई बस्ती में बड़ी मस्जिद के पास वाले पुराने घर का इस्तेमाल करता है। इसके अलावा उसने कई मकान किराए पर भी जुआ खिलाने के लिए ले रखे हैं। अकबर पुत्र कल्लन, आलम पुत्र असलम, इरशाद पुत्र जाकिर, उबैद पुत्र जाहिद भी सट्टे के काम में उसके लोकल एजेंट हैं। इन एजेंटों को वह 20 से 25 प्रतिशत कमीशन देता था।

अजीम की गिरफ्तारी एवं उसके नेटवर्क को ध्वस्त करने पर बधाई देते हुए संयुक्त गिरफ्तारी टीम के लिए 25000 रुपये नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

हिन्दुस्थान समाचार/निमित

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