अब मोदी व योगी का करेंगे गुणगान, तीसरी पारी की तैयारी कर रहे विजय मिश्रा

बुलबुल पाण्डेय
गाजीपुर।
गाजीपुर सदर सीट के पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी में मंत्री रहे विजय मिश्र ने आज लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया जो लगातार राजनीतिक जमीन तलाश रहे थे.

अपनी बिरादरी को भी संतुष्ट नही कर पाये यह माननीय कमल की ओट से सत्ता की चाशनी मे डुबकी लगाने की योजना बना कर तैयार है. 8 से दस साल के राजनीतिक जीवन मे मुलायम की कृपा पर विधायक सदर सीट पर  ब्राह्मण समाज की बेहतरी का दावा कर वोट लेने मे कामयाब रहे और एक झटके मे विजय मिश्रा अपने समाज के साथ सपा को चकमा देकर खुद को बसपा नेता घोषित कर दिया. सदर क्षेत्र का विकास जो भी हो राजधानी मे अपना निजी मेडिकल कालेज जरूर खोल लिये. और विधानसभा चुनाव नही लड पाये. पांच साल तक वसपा का विश्वास नही जीत पाने के बाद विधानसभा चुनाव की आहट देख भगवा रंग मे रंग गये.

मालूम हो कि विजय मिश्र ने समाजवादी पार्टी से अनदेखी के बाद बसपा की सदस्यता ली थी। और बहुजन समाज पार्टी से दो बार चुनाव हार पार्टी की नाक काट चुके पूर्व विधायक के पुत्र स्वजातीय नेता के सहारे बसपा मे पूरा जोर लगाकर फेल होने के बाद चुनाव से ऐन पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। जिले भर का ब्राह्मण सत्ता सुख के लिए राजनैतिक गलियों मे सर्कश कर रहे जिले के इस दलबदलू नेता का मजाक बना रहे है. यहा तक कि माननीय मिश्रा जी की इस बेचैनी की हंसी उडा रहे है.

एक बात पूरी तरफ साफ है कि सदर विधायक संगीता बलवंत सरकार मे मंत्री है और उनका टिकट काट विजय को प्रत्याशी बनाना एक दिवा स्वप्न ही है. रही इनके भाजपा मे आने से पार्टी मे मौजूद स्वजातीय चेहरे ब्राम्हण वोटरो को जोडने के बजाय अपना असर व वजूद बढाने का काम जरूर तेजी से करने लगेगा. विजय मिश्र अपने कार्यकाल मे ठेकेदारो व दलालो के नेता कहे जाते थे.

इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जिस तरीक़े से कार्य कर रहे है उससे प्रभावित होकर कई दलों के नेता आज भाजपा में शामिल हो रहे है।

मैं प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते पार्टी एक इनका हृदय से स्वागत और अभिनंदन करता हु । राजनीति में सभी दलों की सोच होती है प्रदेश का विकास करना और समाज का हित करना लेकिन ये दुर्भाग्य है कि राजनीति करते करते लोग परिवारवाद में ढल गए सिर्फ़ अपने परिवार के विकास के लिए कार्य करते हैं। लेकिन सिर्फ़ भाजपा हाई ऐसी पार्टी है जिसके कार्यकर्ता और नेताओ के परिवार के लोग भी सरकारी गाड़ी में नहीं बैठते सिर्फ़ और सिर्फ़ पिछड़े दलित शोषित समाज के लोगों के लिए कार्य करते है ।

ज्ञात हो कि विजय मिश्रा के भाजपा की सदस्यता लेने से पार्टी को किसी तरह का लाभ मिलने की संभावना कम ही है जो ब्राह्मण इनकी अनदेखी से सपा बसपा छोड़ भाजपा से जुडा वह माननीय को बेमतलब मान चुका है. वह इनके चलते पीछे न हट जाये भाजपा के लिए यह नया संकट का भी कारण है.

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