100 बिस्तर के ESIC हॉस्पिटल के भूमि पूजन के एक वर्ष अभी तक नहीं लगी एक भी ईंट

निर्भय सक्सेना, बरेली। केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने विगत 25 अक्टूबर 2020 को ‘कर्मचारी राज्य बीमा निगम’ (ई एस आई सी ) के 50 करोड़ रुपये की लागत बाले 100 बिस्तर के अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का भूमि पूजन सी बी गंज, बरेली के बंद पड़े आई टी आर के प्रांगण में किया था। मंत्री पद से हटने के बाद इस ई इस आई सी हॉस्पिटल में एक वर्ष बादअभी तक एक भी ईंट नही लगी।

जबकि 15 महीने में हॉस्पिटल बनने का दावा था। यह देश का पहला कर्मचारी राज्य बीमा निगम का ‘मॉडल हॉस्पिटल’ भी होने की बात कही गई थी जिसके 15 महीने में बनकर तैयार होने की बात थी। बरेली में ई एस आई सी के मेडिकल कॉलेज की लंबे समय से पत्रकार निर्भय सक्सेना मांग कर रहे थे। सांसद रहते संतोष गंगवार ने भी तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर श्रममंत्री मल्लिकार्जुन खडगे तक को पत्र भी लिखे और संसद में भी प्रश्न रखे। बरेली जैसे निजी अस्पतालो के गढ़ में उच्चीकृत सरकारी चिकित्सा सुविधाओं का बड़ा अभाव लंबे समय से बना है। प्रदेश में बरेली मंडल ही एक मात्र मंडल है जहाँ आज तक सरकारी मेडिकल कॉलेज नही खुल सका। जबकि मोदी जी ने आज ही पूर्वांचल को 9 सरकारी मेडिकल कॉलेज की सौगात भी दी है।

केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार में श्रम मंत्री रहते संतोष कुमार गंगवार ने इस 100 बिस्तर के बीमा निगम के होस्पिटल का, लंबी अड़ंगेबाजी के बाद, भूमि पूजन कराया था। संतोष कुमार गंगवार ने कहा था कि इस हॉस्पिटल में 10 रुपये के परचे पर आम लोगो को भी चिकित्सक परामर्श मिलेगा। पर इलाज के लिए उन्हें कुछ शुल्क सरकारी दर पर देना ही होगा। उन्होंने निर्माण में लगी कार्यदाई संस्थाओं से समय सीमा में हॉस्पिटल निर्माण को कहा था। साथ ही कहा की हॉस्पिटल के शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री योगी को भी आमंत्रित किया जाना था पर यह कार्यक्रम टल गया। अब तो संतोष गंगवार जी भी केंद्रीय श्रममंत्री पद से हट चुके हैं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम के सदस्य डॉ केशव कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन भूमि दे तो बीमा निगम कैन्सर हॉस्पिटल भी बरेली में खोल सकता था। अब बीजेपी सरकार उत्तर प्रदेश चुनाव के पूर्व इस योजना पर क्या सफाई देती है यह समय बतायेगा।

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