इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने वालों के लिए बड़ी खबर!

नई दिल्ली। आयकर विभाग की वेबसाइट पर चल रही समस्याओं के बीच आयकर विभाग ने हाल ही में टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा तीन महीने बढ़ाने का फैसला किया था। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी गई है। हालांकि, करदाताओं को यह याद रखना चाहिए कि उन्हें इस अवधि के दौरान ब्याज का भुगतान करना होगा।

वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए निर्धारण वर्ष 2021-22 था। यानी पिछले वित्तीय वर्ष के लिए रिटर्न फाइलिंग 1 अप्रैल 2021 से शुरू हुई थी। आम तौर पर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा 31 जुलाई है। कोरोना और आयकर वेबसाइट की खामियों के कारण, इसे पहले दो महीने बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया था। एक बार फिर इस समय सीमा को तीन महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2021 कर दिया गया है। जो कोई भी 31 जुलाई के बाद टैक्स देनदारी में देरी करेगा, उसे ब्याज देना होगा।

सीबीडीटी अधिकारियों ने कहा कि कर देयता का भुगतान बैंकिंग और नेट बैंकिंग के माध्यम से किया जाता है। जिसके चलते टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ा दी गई है, जिससे आपको लेट रिटर्न का जुर्माना नहीं भरना पड़ेगा। हालांकि, 31 जुलाई के बाद टैक्स देनदारी के भुगतान में देरी पर टैक्सपेयर को ब्याज देना होगा.

एक महीने का ब्याज टैक्स देनदारी का 1% है। मान लीजिए किसी करदाता ने 10 सितंबर को अपना रिटर्न दाखिल किया। ऐसे में उसे टैक्स देनदारी का 2% ब्याज के तौर पर चुकाना होगा. यह ब्याज अगस्त और सितंबर के महीनों के लिए 1-1 फीसदी है। दरअसल, उद्योग जगत के हितधारक सरकार से आकलन वर्ष 2021-22 के लिए ब्याज देनदारी से छूट की मांग कर रहे थे। इसके बाद सीबीडीटी की ओर से बयान जारी कर सफाई दी गई है।

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