मिले मुकेश सहनी व ओम प्रकाश राजभर, किये गुफ्तगू, यूपी में नए समीकरण की सम्भावना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जातिगत समीकरण में अतिपिछड़ी जातियों की आबादी एक तिहाही है। जिसमे निषाद समुदाय संख्या बल में अधिक है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की अगुवाई में भागीदारी संकल्प मोर्चा बना है। इस मोर्चा में विकासशील इंसान पार्टी के आने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर होगा। एक होटल में वीआईपी संस्थापक व बिहार सरकार में पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी, वीआईपी प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटनराम निषाद, सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर,भागीदारी संकल्प पार्टी के अध्यक्ष प्रेमचंद प्रजापति की घण्टों गुप्तगू हुई।

पूर्वांचल की लगभग 100 सीटों पर निषाद व राजभर फैक्टर मजबूत है।एक बड़े चैनल के कॉन्क्लेव में मुकेश सहनी ने स्पष्ट तौर पर संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश के मिशन-2022 में वीआईपी165-169 सीटों पर मजबूती से लड़ेगी।उत्तर प्रदेश निषाद वोट बैंक 15 प्रतिशत है,जिससे मीडिया 5-6% ही दिखाती है। इसलिए सामाजिक न्याय आधारित दल जनगणना कराने की मांग कर रहे हैं,ताकि दूध का दूध व पानी का पानी हो जाये।
     सहनी ने कहा कि बिहार में हमारा राजग से गठबंधन है,लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसा नहीं होगा। आरक्षण नहीं तो गठबंधन नहीं।भाजपा आरक्षण देने की स्थिति में है। भाजपा चुनाव से पूर्व दिल्ली, उड़ीसा,बंगाल की तरह यूपी, बिहार,झारखण्ड में निषाद, मल्लाह,केवट, बिन्द, नोनिया,धीवर, कश्यप को अनुसूचित जाति का आरक्षण देने के साथ परम्परागत अधिकारों को दे दे,तो हमारी पार्टी भाजपा की मदद करेगी। निषादों को आरक्षण दिलाना हमारा मकसद है। सहनी ने कहा,हमारा भाजपा,कांग्रेस, सपा,बसपा को छोड़ सामाजिक न्याय के लिए लड़ रही पार्टियों से गठबंधन होगा। उन्होंने राजभर,रावण,कुशवाहा,प्रजापति की पार्टियों के साथ आने का संकेत दिया।कहा कि सपा आदि के वादे पर तो विश्वास किया जा सकता है,भाजपा के वादे पर भरोसा नहीं।अभी नहीं तो कभी नहीं।भाजपा चाहे तो आज निषाद को आरक्षण दे सकती है।उनकी आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चन्द्रशेखर रावण से बंद कमरे में घण्टे भर बात हुई।
 बलिया,ग़ाज़ीपुर,मऊ,आज़मगढ़,चन्दौली, वाराणसी,जौनपुर,अम्बेडकर नगर,सन्तकबीरनगर, सिद्धार्थ नगर,बस्ती,बहराइच,देवरिया,गोरखपुर, महराजगंज,कुशीनगर में निषाद व राजभर दोनों बड़ी संख्या में हैं। इन दलों में गठबंधन हो गया तो उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर बदल जाएगी।

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