भाजपा ने आरक्षण नहीं दिया तो चुनाव में खैर नहीं : निषाद

लखनऊ। गोमतीनगर स्थित प्रदेश कार्यालय में विकासशील इंसान पार्टी(वीआईपी) कार्यालय में प्रदेश कोर टीम व मण्डल कार्यसमिति की बैठक व प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न हुआ।अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटनराम निषाद व संयोजन युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सन्तोष साहनी ने किया।प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि उ0प्र0 की 403 में 169 विधान सभा क्षेत्रों में निषाद वोट बैंक काफी निर्णायक है।

भाजपा ने अपने वायदे के अनुसार निषाद समुदाय की मल्लाह, केवट, बिन्द, मांझी, धीवर, कहार, गोड़िया, रायकवार आदि जातियों को अनुसूचित जाति के आरक्षण का राजपत्र व शासनादेश जारी नहीं किया तो मिशन 2022 में भाजपा की खैर नहीं।विकासशील इंसान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटन राम निषाद ने कहा कि मिशन 2022 में निषाद जातियां निर्णायक की भूमिका निभायेंगी। उन्होंने कहा कि अब निषाद समाज भाजपा के वायदे के झाँसे में नहीं जायेगा। चुनाव से पूर्व अनुसूचित जाति आरक्षण का शासनादेश व राजपत्र जारी करने के बाद ही भाजपा का खेवनहार बनने का निर्णय लेगा। भाजपा सरकार चाहे तो दो चार दिन में मझवार, तुरैहा, गोड़, बेलदार आदि को परिभाषित कर या पूर्व वर्ती सरकारों द्वारा भेजे गये प्रस्ताव को स्वीकार कर निषाद जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दे सकती है।उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद को एमएलसी व मंत्री का पद व वीआईपी मुखिया सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी को निषाद आरक्षण का राजपत्र व शासनादेश चाहिए।निषाद पार्टी संजय एंड फैमिली की लूट टीम व संजय इमोशनल ब्लैकमेलर हैं।

निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी का पंजीकरण और अपना चुनाव चिन्ह ही नहीं है। इसीलिए तो पार्टी प्रमुख का पुत्र 2018 के उप चुनाव में सपा के व 2019 के लोक सभा चुनाव में भाजपा के सिम्बल पर चुनाव लड़ा। संजय निषाद मंत्री व एम.एल.सी. बनने के लिए हाथ पैर मार रहे हैं। स्वपरिवार के लिए ही संजय भाजपा नेताओं की गणेश परिक्रमा कर रहें हैं। उन्हें समाज को आरक्षण व अधिकार दिलाने की चिन्ता नहीं है। अगर निषाद पार्टी निषाद समाज के आरक्षण व अधिकार मुद्दे पर गम्भीर है तो स्पष्ट घोषणा करें कि निषाद आरक्षण का राजपत्र व शासनादेश जारी नहीं किया गया तो भाजपा से कोई रिश्ता नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि विकासशील इंसान पार्टी का साफ तौर पर कहना है कि आरक्षण नहीं तो गठबंधन नहीं। पहले निषाद जातियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण चाहिए। इसके बाद भाजपा के समर्थन व उससे गठबंधन पर विचार किया जायेगा।

निषाद ने बताया कि उ0प्र0 में 12.91 प्रतिशत निषाद जातियां होने के बाद भी राजनैतिक दल इनके साथ दोयम दर्जें का बर्ताव करते आ रहें हैं। वर्तमान केन्द्र व प्रदेश सरकार में निषाद समाज को राज्यमंत्री तक ही सीमित रखा गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक दो नहीं दर्जनों मंत्री या एम.एल.सी. बना दे, बिना आरक्षण के निषाद समाज भाजपा की मदद नहीं करेगा।

बैठक में सेन्सस-2021 में जातिगत जनगणना व ओबीसी के समानुपातिक आरक्षण की मांग उठी।ओबीसी आरक्षण कोटा के लिए क्रिमीलेयर की बाध्यता को असंवैधानिक बताया।कोर कमेटी व मण्डल कार्यसमिति को सर्वश्री राजाराम बिन्द, कामेश्वर साहनी,मनोज यादव,विशाल राजभर,राजेन्द्र निषाद, नरेशचंद्र कश्यप एड, गयाप्रसाद धुरिया, अनुराग सिंग यादव,डॉ. समरजीत कश्यप,अमृत सिंह श्रीनेत,आबाद अली,जशपाल निषाद, सीताराम रैकवार,जेपी निषाद आदि ने सम्बोधित किया।

Post a Comment

0 Comments