दिल्ली की गुड़िया वाल्मीकि समाज की ही बेटी नहीं थी वो तो देश की बेटी थी : लक्ष्य

दिल्ली। लक्ष्य कमांडर्स गुड़िया को न्याय दिलाने के लिए दिल्ली के नांगल गांव पहुंचे। लक्ष्य कमांडरों में विशेषतौर से लखनऊ से आईं लक्ष्य कमांडर रेखा आर्या, संघमित्रा गौतम, विजय लक्ष्मी गौतम तथा हरियाणा के फरीदाबाद से लक्ष्य कमांडर कविता जाटव व मंजू गौतम, लक्ष्य युथ कमांडरों के साथ में आईं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात करके इस घटना की जानकारी प्राप्त की तथा लक्ष्य संगठन की ओर से पीड़ित परिवार को दस हजार रुपए का आर्थिक सहयोग भी किया। 

लक्ष्य कमांडरों ने इस शर्मनाक घटना पर दुःख प्रकट करते हुए शासन व प्रशासन को विशेषतौर से दिल्ली पुलिस को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने तथाकथित उच्च वर्ग के लोगों से सवाल करते हुए कहा कि क्या यह घटना आप लोगों को नहीं दिखाई दे रही है क्यों इस शर्मशार करने वाली घटना पर आप लोग चुप्पी साधे हुए है कहां है वो राष्ट्रीय मीडिया, क्योंकि वह 9 वर्ष की मासूम बच्ची वाल्मीक समाज की थी वह गरीब परिवार की थी भीख मांगकर गुजारा करती थी। 

लक्ष्य कमांडरों ने तथाकथित उच्च वर्ग के इस रवैये पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि दिल्ली की यह गुड़िया वाल्मीकि समाज की ही बेटी नहीं थी, वह तो पुरे देश के बेटी थी।  उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐसी दूषित मानसिकता से देश में बेटियां सुरक्षित नहीं रह सकती है। हम लोगों को जाति व धर्म को भूलकर इन बेटियों की सुरक्षा के लिए आगे आना होगा। उन्होंने देश के सभी बुद्धजीवी लोगों से अपील करते हुए कहा कि आओ मिलकर जाति धर्म से ऊपर उठकर इस मासूम 9 वर्ष की गुड़िया को न्याय दिलाने के लिए आवाज बुलंद करें। 

लक्ष्य कमांडरों ने कहा कि इस मामले को दबाने नहीं देंगे बल्कि गुड़िया को न्याय दिलाने के लिए गांव गांव जायेंगे और आवाज बुलंद करेंगे। 

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