धूमधाम से मनेगा कृष्ण जनमोत्स्व, तैयारियां पूरी, लोगों में उत्साह

राकेश पांडेय
वाराणसी।
श्री कृष्ण का जन्मोत्सव के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। हालांकि इस बार कोरोना वायरस महामारी के कारण मंदिरों में बड़े आयोजन नहीं होगे। 30 अगस्त और 31अगस्त दोनों दिन जन्माष्टमी मनाई जा रही है।

 हिंदू धर्म मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को ही श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी के दिन लोग भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उपवास रखने के साथ ही भजन-कीर्तन और विधि-विधान से पूजा करते हैं।  ज्योतिषियों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय  रात 12 बजे अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में होगा। 

इसलिए इसी नक्षत्र और तिथि में जन्माष्टमी मनाई जाती है। इस बार 11 अगस्त को जन्माष्टमी तिथि सुबह लग जाएगी।

सोनभद् के ओबरा , रेनुकूट , राबर्ट्सगंज ,घोरावल अनपरा शक्तिनगर व दुध्धी में भगवान श्री कृष्ण के जन्म उत्सव की तैयारियों में मंदिरों को सजाया जा रहा है कोरोना महामारी को देखते हुए सभी जगहों पर बैरिकेटिंग की जा रही है सोसल डिस्टेंसिंग व मास्क का प्रयोग करने वाले मंदिरों में प्रवेश कर सकेंगे। 

ओबरा के राम मंदिर , हनुमान मंदिर व गीता मंदिर में जन्माष्टमी के उत्सव को देखते हुए साज सजावट की जा रही है। श्री कृष्ण के जन्म के बाद भक्तों को प्रसाद भी वितरण किया जाएगा। वही रासलीला का भी आयोजन किया गया है।

रेनुकूट के राधा कृष्ण मंदिर में सजा सजावट के साथ भक्तों की भारी भीड़ इकट्ठा होने शुरू हो गयी है इस मंदिर में दर्शन के लिए जनपद से सटे झारखंड, बिहार, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के आस पास के जिले से लोग दर्शनों को पहुचते है। राधा कृष्ण मंदिर में भक्तों के द्वारा नाच गाना शुरू है। कल विशेष पूजा का आयोजन किया गया है। वही भगवान श्री कृष्ण  के जन्म के बाद देर रात तक भजन कीर्तन चलता रहेगा वही भक्तों को प्रसाद भी वितरण किया जाएगा।

Post a Comment

0 Comments