क्या कोई भी दस गुण्डो के साथ आकर चुनाव जीत सकता है? : प्रियंका गांधी वाड्रा

लखीमपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा शनिवार को अपने दौरे के दूसरे दिन सुबह सर्वप्रथम लखीमपुर के पसगंवा पहुंचकर पंचायत चुनाव में गुण्डई और ज्यादती की शिकार महिलाओं से मुलाकात की। उन्होनें कहा कि ऐसे जोर जबरदस्ती के दम पर जहां कहीं भी लोगों को नामांकन करने से रोका गया है, नामांकन पत्र फाड़े गये हैं उन सभी जगहों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए भले ही यह कृत्य करने वाला कितने भी ऊंचे पद पर क्यों न बैठा हो। उन्होंने महिलाओं को नामांकन भरे जाने से रोकने को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए दुबारा चुनाव कराये जाने की मांग की। साथ ही चुनाव आयोग को इस सम्बन्ध में पत्र लिखने की भी घोषणा की।

महिलाओं के साथ हुई अमानवीय कृत्य एवं अभद्रता तथा वस्त्र खीचे जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए प्रियंका ने कहा कि लोकतंत्र का चीरहरण करने वाले भाजपा के गुण्डे कान खोलकर सुन लें महिलाएं, प्रधान, ब्लाक प्रमुख, विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनेंगीं उन पर अत्याचार करने वालों को शह देने वाली सरकार को शिकस्त देंगी। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना सभी का संवैधानिक अधिकार है जो कि इनसे छीना गया उनको घेरकर पीटा गया, उनकी साड़ी खींची गई और कपड़े फाड़े गये। आप सोंच सकते है कि उन पर क्या बीती होगी उनके साथ उनका छोटा बच्चा, 19 साल का लड़का और पूरा परिवार साथ में था।

इस तरीके का अत्याचार होता रहा और किसी ने उनको रोका भी नहीं। जिस सीओ ने बचाने की कोशिश की उसे सस्पेंड कर दिया और जो अधिकारी मूक दर्शक बने खड़े रहे उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई इस विषय पर प्रशासन मौन है। चुनाव में छोटी सी गड़बड़ी होने पर भी चुनाव रद्द कर दुबारा कराये जाते है तो यहां दुबारा चुनाव क्यों नहीं हुआ, क्या इनकों चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं है? क्या कोई भी दस गुण्डो के साथ आकर चुनाव जीत सकता है? क्या यह लोकतंत्र है आज का? उन्होंने मीडिया से इस अलोकतांत्रिक एवं गैर संवैधानिक कृत्य पर आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मीडिया को प्रश्न उठाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने पंचायत चुनाव पर उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई दिया जबकि हर जिले में कुछ ना कुछ गड़बड़ी हुई है कहीं पर मारपीट, कहीं बम तो कहीं गोलियां भी चलीं।

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