महिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउण्ड बंद होने से मरीज बेहाल

गोंडा (डीवीएनए)। जिला महिला चिकित्सालय में लगभग दो माह से अल्ट्रासाउण्ड बंद होने केे चलते ना सिर्फ मरीजों को परेशानी हो रही है बल्कि अस्पताल में प्राइवेट अल्ट्रासाउण्ड कराने केे लिए लगे दलालों की भरमार सी आ गयी है। ऐसा तब है जब सरकार द्वारा गर्भवती महिला का फ्री इलाज एवं फ्री डिलेवरी का दावा जोर-शोर से किया जा रहा है। ऐसे में जब चिकित्सक की सलाह अल्ट्रासाउण्ड करवाने की होती है तो मजबूरी में मरीज को बाहर जाकर अल्ट्रासाउण्ड करवाकर कमीशनखोरी का शिकार होना पड़़ता है जिससे अनट्रेंड लोगों के अल्ट्रासाउण्ड करने से रिजल्ट भी सही नही आता है। एक तरफ मरीजों का शोषण तो होता है साथ-साथ लाखो की मशीने भी अस्पताल में पड़ी-पड़ी खराब हो जाती है। जिसके रिपेयरिंग से लेकर बदलने तक के खर्च को सरकारी धन से पूरा किया जाता है जो जनता का परोक्ष नुकसान है।
मामले पर छान-बीन करने पर ज्ञात हुआ कि 11 जून 2021 को डा0 सुषमा सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका जिला महिला चिकित्सालय गोण्डा द्वारा निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण लखनऊ, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण देवीपाटन मण्डल, गोण्डा, प्रमुख सचिव लखनऊ एवं जिला अधिकारी गोण्डा को पत्र भेजंकर रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गयी। पूर्व में डा0 ए के राय अधीक्षक सीएचसी मनकापुर सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को जिला महिला चिकित्सालय मे अल्ट्रासाउण्ड किया करते थे परन्तु डा0 ए के राय कोरोना पाजिटिव हो गए तबसे अभी तक कोई रेडियोलॉजिस्ट महिला चिकित्सालय नही आया।
चर्चा तो यह भी है कि स्वास्थ्य भवन लखनऊ में रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध है परन्तु वे गोण्डा जैसे शहर में आना नही चाहते। यदि किसी की पोस्टिंग गोण्डा होती भी है तो वे राजनैतिक पहुंच के चलते रूकवा लेेते है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका ने बताया कि आज साढ़े सात माह की गर्भवती महिला फातिमा निवासी बडगांव सुबह 9 बजे भर्ती हुई जिसके रक्तश्राव हो रहा था, ऐसे मे अल्ट्रासाउण्ड की आवश्यकता पड़ी तो बाहर से अल्ट्रासाउण्ड कराने के लिए लिखना पड़ा। डा0 अमित त्रिपाठी ने इलाज करके रक्तश्राव़ रोका और बेड रेस्ट की सलाह देकर उसे घर भेज दिया।
कूड़ें के ढेर को लेकर सीएमएस ने लगाया नगरपालिका पर आरोप
अस्पताल परिसर में फैले कूड़ें के ढेर को लेकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डा0 सुषमा सिंह ने नगरपालिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगरपालिका से अस्पताल को डस्टविन तक नही दिया जा रहा। पालिका से कूड़ा उठाने वाले 7 से 10 दिन में एक बार आते हैं। गंदगी फैलने से मरीजों में संक्रमण होने का भय है और अधिशासी अधिकारी नगरपालिका से कहने पर वो बेरूखी से बात करते हैं इस सम्बन्ध में अधिशासी अधिकारी नगरपालिका से दूरभाष पर बात करने पर उन्होने बताया कि जल्द ही डस्टविन मंगवाकर उपलब्ध करवा देंगेऔर कूड़ा रोज उठवाने की व्यवस्था भी जल्द ही की जायेगी मजबूरी में डस्टविन उपलब्ध नही करा सके बाकी कोई बेरूखी नही किया है।

Post a Comment

0 Comments