मुख्यमंत्री ने वाराणसी में महिला चिकित्सालय का किया निरीक्षण, काशी विश्वनाथ मंदिर में किया दर्शन

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने जनपद वाराणसी भ्रमण के दौरान पांडेयपुर स्थित पं0 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय परिसर में 18.94 करोड़ रुपए धनराशि लागत से निर्मित 50 शैया महिला चिकित्सालय (एमसीएच विंग), 50.17 करोड़ रुपए लागत से निर्मित वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर रेलवे के समपार संख्या 20 स्पेशल पर 3 लेन ऊपरगामी सेतु के निर्माण कार्य तथा 19.55 करोड़ रुपए से निर्मित गोदौलिया मल्टी लेवल पार्किंग तथा 186 करोड़ की लागत से तैयार शिवलिंग के आकार में निर्मित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

ज्ञातव्य है कि 19.55 करोड़ रुपए लागत से निर्मित मल्टी लेवल पार्किंग गोदौलिया के इस 4 मंजिला सेमी ऑटोमेटिक पार्किंग में 375 दो पहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे। ग्राउंड फ्लोर पर 33 दुकानें भी बनी हैं। इसके साथ ही, पर्यटन सुविधा केंद्र भी यहां मौजूद होगा। पेयजल व शौचालय की सुविधा भी यहां उपलब्ध होंगी। अप्रैल 2019 में इस पार्किंग स्थल का निर्माण कार्य शुरू होकर गत 30 जून को पूरा हो चुका है। इस पार्किंग से गोदौलिया, दशाश्वमेध और काशी विश्वनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत हो जाएगी।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन करने के पश्चात काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण कार्य की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया एवं मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ समीक्षा कर निर्धारित समय सीमा के अंदर कॉरिडोर के निर्माण कार्य को प्रत्येक दशा में पूरा कराए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने पांडेयपुर स्थित पं0 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय परिसर में 18.94 करोड़ रुपए धनराशि लागत से निर्मित 50 शैया महिला चिकित्सालय (एमसीएच विंग) का भी निरीक्षण किया। इसके निर्माण से वरुणापार क्षेत्र (शहरी एवं ग्रामीण) क्षेत्रों में निवास करने वाले परिवारों को आई0सी0यू0, एस0एन0सी0यू0, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम के साथ-साथ प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन गैस पाइप लाइन, जांच हेतु आधुनिक लैब, एक्सरे व अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध होगी। इस चिकित्सालय की स्थापना से शहरी क्षेत्र के वरुणापार की अतिरिक्त ग्राम स्तर से संदर्भित जटिल प्रसव एवं शिशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार सहित टीकाकरण की सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जापान और भारत की दोस्ती के प्रतीक 186 करोड़ रुपये की लागत से तैयार शिवलिंग के आकार में निर्मित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर का भी स्थलीय निरीक्षण किया। इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। यह एक अद्वितीय कन्वेंशन सेंटर है जिसमें जापानी और भारतीय वास्तु शैलियों का संगम दिखता है।

गौरतलब है कि सेंटर में एक साथ 1200 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। हॉल को लोगों की संख्या के अनुरूप 2 हिस्सों में विभाजित करने की व्यवस्था की गई है। कन्वेंशन सेंटर पूर्णतया वातानुकूलित है। बड़े हॉल के अलावा 150 लोगों की क्षमता वाला एक मीटिंग हॉल है। इसके अतिरिक्त यहां एक वी0आई0पी0 कक्ष, चार ग्रीन रूम का निर्माण कराया गया है। दिव्यांगजनों की सुविधा की दृष्टि से पूरे परिसर को सुविधाजनक बनाया गया है।

भारत-जापान की वर्षों से चली आ रही मैत्री के प्रतीक रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की नींव 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान रखी थी। सेंटर को सांस्कृतिक व आधुनिक समागम के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। 186 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सेंटर शिवलिंग के आकार में निर्मित है। सेंटर के बाहरी हिस्से में 108 सांकेतिक रुद्राक्ष लगाए गए हैं, जो एल्युमिनियम के बने हैं। तीन एकड़ में तैयार कन्वेंशन सेंटर परिसर में जापानी शैली का गार्डन व लैंडस्केपिंग भी की गई है। पार्किंग सुविधा को सुलभ बनाने के आशय से बेसमेंट में 120 गाड़ियों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से सेंटर में सी0सी0टी0वी0 कैमरे भी लगे हैं। विद्युत आपूर्ति हेतु बिजली कनेक्शन के साथ-साथ सौर ऊर्जा का भी प्रबंध किया गया है।

निरीक्षण के दौरान पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर, पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 नीलकंठ तिवारी, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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