बिजली अफसरों का कारनामा, झुलसे पुत्र के स्थान पर पिता की मृत्यु होना बताया

मुरादाबाद/संभल। जर्जर विधुत तारों के एक बीस बर्षीय युवक पर गिरने एवं उसके दोनों हाथ व दोनों पैर कटने के एक मम्मले मे स्थायी लोक अदालत ने पश्चिमांचल विधुत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक व मुख्य अभियंता मुरादाबाद को आदेश दिया है कि वे गम्भीर रूप से घायल युवक को 20 लाख रूपए एक माह के अंदर अदा करे।

तहसील क्षेत्र के गांव मननीखेड़ा निवासी वीर सिंह पुत्र डल्लो के घर के ऊपर से विधुत विभाग के 11 हज़ार वोल्टेज के तार गुजर रहे है विधुत तार काफी जर्जर थे गांववासियों ने विभाग के अधिकारियों से काफी बार कहा कि जर्जर विधुत तारों को बदला जाए कई बंदर भी तारों से मार चुके है विभागीय अधिकारियों ने जर्जर तारों को नही बदले और दिनाँक 9 जुलाई,2020 को 11 हज़ार वोल्टेज के तार परिवादी के पुत्र हरेन्द्र पाल के ऊपर गिर गया। और विधुत तारों ने हरेंद्र पाल के दोनों हाथ व दोनों पैरों को जकड़ लिया गांववासियों ने डंडों की मदद से छुड़ाया।

घायल हरेंद्र को तुरंत अपैक्स हॉस्पिटल मुरादाबाद मे भर्ती कराया गया लेकिन हालत नाजुक होने के कारण दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल मे इलाज चला लेकिन हरेंद्र के दोनों हाथ,व पैर कट गए। विभागीय अधिकारियों को क्षितिपूर्ति हेतु नोटिस भेजा। तो नोटिस पर विभागीय अधिकारियों ने जांच की। जांचोपरांत विधुत वितरण खंड हसनपुर के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार ने अपने पत्र दिनाँक 832/वि०वि०ख०द्वि०ग०/दिनाँक 1 फरबरी 2021 के माध्यम से अधीक्षण अभियंता अमरोहा को बताया कि वीर सिंह का हाथ घर के पास से गुजर रही हाई टेंशन लग गया और इलाज के दौरान वीर सिंह की मृत्यु हो गयी। और जांच आख्या की एक प्रति धायल हरेंद्र के अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय को भी प्रेषित की उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि जांच मे पुत्र के स्थान पर पिता को घायल बताने,और मृतक बताने, गलत जांच रिपोर्ट तैयार पर वीर सिंह ने स्थायी लोक अदालत मे वाद योजित किया लेकिन विधुत विभाग ने न्यायालय मे कोई उत्तर नही किया मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थायी लोक अदालत ने पश्चिमांचल विधुत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक व मुख्य अभियंता मुरादाबाद व अधिशाषी अभियंता विधुत वितरण खंड हसनपुर को आदेश दिया है कि वे रुपए 20 लाख एक माह के अंदर वादी को अदा करें अन्यथा 9% वार्षिक व्याज भी देना होगा साथ ही 5 हज़ार वाद व्यय भी अदा करने के आदेश दिए। साथ ही आदेश दिया कि क्षितिपूर्ति की 50%धनराशि अधिकारियों के वेतन से देय होगी।

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