ससुरालियों पर लगा महिला को ज़हर खिलाने का आरोप

मसूद अहमद

मुरादाबाद। जनपद के थाना मझोला के अंतर्गत एक गरीब परिवार की महिला उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया है। जहां पर पूरा मामला बताते चलें उनका नाम गीता के पति पर मर्डर का केस चल रहा है जोकि ग्राम कुआं खेड़ा थाना डिडौली जनपद अमरोहा की रहने वाली है आज से करीब 10 वर्ष पहले जोकि वर्ष 2011 में गीता का विवाह मुरादाबाद के रहने वाले जगदीश पुत्र मोहनलाल निवासी लाइनपार एकता कॉलोनी थाना मझोला जनपद मुरादाबाद के साथ हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कराया गया था। 

गीता का आरोप है कि उसके ससुराल वालों ने जगदीश के साथ विवाह करा कर उससे बहुत बड़ा धोखा किया है। पीड़ित गीता का कहना है कि उससे व उसके परिवार वालों से उसके ससुरालियों ने जगदीश का अपराधिक इतिहास छुपाया था जबकि जगदीश एक क्रिमिनल था। विवाह के एक महीने बाद ही उसका पति जगदीश जेल चला गया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई। 

पीड़ित गीता के पति जगदीश के ऊपर मर्डर का इल्जाम लगा हुआ था जो कि सत्य पाया गया और जगदीश को पुलिस ने जेल भेज दिया था।  गीता ने बताया कि सारी सच्चाई जानते हुए भी जगदीश के परिवार वालों ने इतना बड़ा धोखा गीता के साथ किया। 

कुछ समय बाद जगदीश के परिवार वालों को अपनी गलती का एहसास हुआ उन्होंने गीता का भविष्य खराब कर दिया और इसी का पश्चाताप करने के लिए जगदीश के परिवार वालों ने कुछ मान्यवर लोगो संग मिलकर यह फैसला लिया की जगदीश के छोटे भाई कमल सिंह से वह गीता का विवाह करा देंगे। साथ ही साथ उन्होंने यह शर्त रखी कि जब तक उनका बेटा कमल सिंह बालिग नहीं हो जाता तब तक वह शादी नहीं करेंगे। 

कमल सिंह भी इस शादी व परिवार वालों के इस फैसले से खुश था। समय यूं ही गुजरता गया। लेकिन कमल सिंह के घरवालों ने गीता को आश्वासन के अलावा कुछ ओर न दिया जब गीता व उसके परिवार वालों ने कमल सिंह के परिवार से बात की तो उन्होंने कहा कि हम दोनों का विवाह जरूर कराएंगे और गीता एवं उसके परिवार की संतुष्टि के लिए ई स्टैंप कराया गया। 

लेकिन ई स्टैंप के दो महीने गुजरने के बाद भी गीता व उसके परिवार वालों को किसी प्रकार का कोई संतुष्टि भरा उत्तर ना मिला। लेकिन गीता व उसके परिवार वालों का कहना है कि यदि उन्हें कमल सिंह के साथ शादी नहीं करानी थी तो शादी का झांसा क्यों दिया और गीता के भविष्य के 10 वर्ष यूं ही खराब क्यों कर दिए। 

गीता के परिवार वालों का कहना है कि गीता की ससुरालियों द्वारा शादी का आश्वासन ना दिया होता तो गीता की शादी 10 वर्ष पहले ही कहीं और कर दी होती और आज गीता का एक हंसता खेलता परिवार भी होता। 

गीता व उसके परिवार वाले पिछले 10 सालों से यही प्रतीक्षा कर रहे थे कि कमल सिंह के साथ गीता की शादी हो जाएगी। लेकिन अब गीता के ससुराली मुकर रहे हैं और गीता पर गलत गलत आरोप भी लगा रहे हैं। 

आरोप है कि ससुरालियों ने पीड़ित गीता को जान से मारने की कोशिश और शनिवार को पीड़ित गीता को जहर दे दिया गया। अब गीता ने परेशान होकर थाना मझोला में न्याय की गुहार लगाई है। 

पीड़ित गीता द्वारा उच्च अधिकारियों से इसकी लिखित में शिकायत पत्र भी देकर की गई। 

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