डॉक्टर की काली करतूत, महिला की हो गई थी मौत, लेकिन फिर भी बनाते रहे बिल

नई दिल्ली।  एक डॉक्टर को कथित तौर पर एक महिला के परिवार के सदस्यों को उसकी मौत के बारे में दो दिनों तक जानकारी नहीं देने और अधिक धन उगाही करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

मामले में मिली जानकारी के अनुसार 60 वर्षीय महिला को इसी साल फरवरी में इस्लामपुर के आधार हेल्थकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मामला महाराष्ट्र के सांगली जिले का बताया जा रहा है. एक पुलिस अधिकारी ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि उसकी मौत 8 मार्च को हुई थी, लेकिन दोषी डॉक्टर योगेश वाथेरकर ने तत्काल अपने परिजनों को इसकी सूचना नहीं दी और 10 मार्च तक अपना इलाज जारी रखा.

उन्होंने कहा कि आरोपी ने महिला के बेटे को बताया कि 10 मार्च को उसकी मौत हो गई और शव सौंप दिया। इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार यह फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब दस दिन बाद नगर निगम की ओर से जारी डेथ सर्टिफिकेट में '8 मार्च को उसकी मौत' होने का जिक्र हुआ.

पूरे मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि, महिला के बेटे ने डॉक्टर से पूछताछ की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. तो वहां पुलिस ने डॉ वाथरकर को आईपीसी की धारा 406 (विश्वास भंग), 420 (धोखाधड़ी) और 465 (जालसाजी) के तहत गिरफ्तार किया।

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