Sunday, 6 June 2021

कोरोना कर्फ्यू के चलते सरकार और व्यापारियों की अर्थव्यवस्था चरमराई

कोरोना कर्फ्यू के चलते सरकार और व्यापारियों की अर्थव्यवस्था चरमराई
  भोपाल-डीवीएनए। मध्यप्रदेश सरकार को कोरोना कफ्र्यू के कारण दो महीने में तकरीबन आठ हजार करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। ऐसा इसलिए कि कोरोना कफ्र्यू के कारण तय लक्ष्य से सरकार की राजस्व कम मिला है। राजस्व बढ़ाने को लेकर सरकार चिंतन और मंथन में जुट गई है। बैठक में अफसरों और मंत्रियों ने माना कि अब बाजार खोलने पड़ेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो आगे आर्थिक स्थिति और चरमरा जाएगी। सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने सीधे तौर पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन आगामी सोमवार दो बड़े शो-रूम खोलने के संकेत दिए हैं। 
           मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने राजस्व की समीक्षा को लेकर मंत्रालय में बैठक बुलाई थी। बैठक में मंत्रियों के साथ सरकार का खजाना भरने वाले विभागों के आला अफसर भी मौजूद थे। अफसरों ने बैठक की शुरुआत में कहा कि राज्य के हालात सुधर गए हैं। इसलिए अब पूरे बाजार खोलने चाहिए। बाजार खोलने का फैसला जल्दी ही नहं लिया जाता है, तो राज्य की आर्थिक स्थिति चरमरा जाएगी। दो महीने में तय लक्ष्य से आठ हजार करोड़ का राजस्व कम मिला है। बताते हैं कि मार्च तक सरकारी खजाने की आव ठीक-ठाक थी, लेकिन उसके बाद हालात बिगड़े हैं। अकेले जीएसटी के तौर पर सरकार को अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ा है। मई में अप्रैल महीने का जो जीएसी सरकार के खजाने में आया है, वह काफी कम है। पहले प्रतिमाह लगभग 2100 से 2200 करोड़ रुपए जीएसटी के तौर पर सरकार को मिलते थे। अप्रैल ममें यह राजस्व घटकर 900 करोड़ रुपए पहुंच गया है। 
          चूंकि मई के पूरे महीने में लॉक डाउन था, लिहाजा जून में राजस्व और कम मिलेगा। राजस्व के तौर पर सरकार को होने वाले नुकसान का सीधा असर राज्य की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। शराब दुकानें बंद थी, लिहाजा जो राजस्व मिलना था, वह नहीं आया। परिवहन विभाग के दफ्तर भी बंद थे। बैठक में यह सुझाव दिया गया कि कोविड नियमों का पालन कराने की शर्त पर राज्य के शो-रूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोले जा सकते हैं। इससे सरकार की आर्थिक सेहत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इनमें वाहनों और इलेक्ट्रानिक शो-रूम खासतौर पर खोले जाने चाहिए। 
         मंत्रियों ने भी सुझाव दिया कि शो-रूम और दूसरी दुकानें खोलने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए, क्योंकि सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ तो किराना और सब्जी की दुकानों में होती है। अगर दोनों दुकानें खुली हैं, तो अन्य दुकानों में भीड़-भाड़ नहीं होती है। उन दुकानों में से दो चार लोग जाते हैँ। राज्य में कोरोना का संक्रमण भी डेढ़ प्रतिशत पर आ गया है। मुख्यमंत्री ने अफसरों और मंत्रियों की बात को गंभीरता से सुना है, लेकिन सीधे तौर पर कुछ नहीं बोलेहैं। बताते हैं कि सीएम ने आगामी सोमवार से कुछ जिलों को छोड़कर अधिकांश में बाजार खोलने के संकेत भी दिए हैं।  
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