Wednesday, 2 June 2021

पत्नी की हार से बौखलाये राधे मोहन पस्त मुफ्त का बांट रहे ज्ञान, ऐसे बदलता है वक्त

राकेश पाण्डेय

वाराणसी। गाजीपुर जिले मे पंचायत चुनाव मे पत्नी की करारी हार से गाजीपुर के पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह को दगी कारतूस बताने वाले भासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को लेकर समाजवादी दिग्गज का पारा चढ़ गया है और अनर्गल प्रलाप करने के आरोपों से घिरने लगे है. अब तो सपा के फाउंडर मेम्बर व मिनी मुलायम के नाम से विख्यात रामकरन यादव के परिजन भी इनके सपा से वहिष्कार की बात करने लगे है.

दलित नेता को डीलर व सहयोगी को माफिया बताने की आ गयी नौबत

जिस शराब ब्यवसायी शिवशंकर सिह के समर्थन मे 20 साल से पलक पावडे बिछाकर अपना गार्जियन मानने वाले राधे मोहन सिह आगे पीछे लगे रहते थे आजकल उसी परिवार की मदद के बजाय अपनी पत्नी को मैदान मे उतार हारने के बाद निजी संबंध के चलते सहयोग करने वाले दलित नेता पर आरोपो की बौछार करने पर आमादा है. और कोरोना काल मे लम्बे समय से लापता रहने के बाद यूट्यूबरो व अपने पूर्व सहयोगी पत्रकार जुटाकर प्रेस वार्ता करने लगे. कोरोना काल मे लापता इस सपाई दिग्गज ने पूर्व मंत्री व सपा के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश सिह की मलालत जिले मे घूम घूम कर किया. अब पंचायत चुनाव मे मुंह की खाने के बाद दलित नेता ओमप्रकाश राजभर पर निशाना साधा रहे है.

केन्द्र व प्रदेश सरकार की सोच व लाखो युवा भविष्य का कर दिया मर्डर: ओमप्रकाश

दूसरी तरफ भासपा नेता व जहूराबाद के विधायक ओमप्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि केन्द्र व प्रदेश सरकार के सहयोग से जिले के युवाओं विकास के लिए बनाये गये 50 करोड की लागत का फुटबॉल स्टेडियम जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर अपनी जमीन के साथ ग्राम सभा की जमीन अवैध तरीके से कब्जा कर बनवाने और उसे निजी सम्पत्ति घोषित करने वाले राधे मोहन का परिवार जिले की राजनीति मे अपनी साख खो चुका है. स्टेडियम के साथ इनके नवनिर्मित मकान की जांच हो तो अब जेल यात्रा ही बाकी बचेगी इसलिए अनर्गल प्रलाप बंद करे.

सपा मे फूट डाल पार्टी को कमजोर कर रहा मौकापरस्त पूर्व सांसद: विजय यादव

दूसरी तरफ सपा नेता व पूर्व विधानपरिषद सदस्य जो कि अखिलेश यादव के करीबी है उन्होंने ने भी राधे मोहन पर अपने स्वर्गीय पिता रामकरन यादव के एहसानो का सम्मान करने के बजाय समाजवादी पार्टी को तोडने व समर्थित कार्यकताओ को भ्रमित करने का कुचक्र रचने का आरोप लगा रहे है और कह रहे हद कि उनका कृत्य पार्टी के हित मे नही है. इन्ही के चलते मेरे पिता स्व रामकरन यादव की आदमकद प्रतिमा सैदपुर ब्लॉक मे धूल फांक रही है. ऐसे मौकापरस्त समाजवादी का बहिष्कार होना चाहिए. 

दबंग छोटे भाई के चलते अखिलेश व मायावती दोनो हो गये थे भौचक

मौजूदा समय मे सपा सुप्रीमो ओमप्रकाश सिह जंगीपुर विधायक विरेंद्र यादव राधे मोहन से कट चुके है जबकि अखिलेश यादव के कार्यक्रम मे राधे मोहन के चलते मंच तक नही पहुच पाने से नाराज सैदपुर सपा विधायक सुबास पासी भी राधे मोहन से दूरी बनाए है बीच मे गटबंधन के दौरान चर्चा मे मायावती ने अखिलेश यादव से पूछा कि हिरन सिह कौन है जो मेरी पार्टी से टिकट मांग रहे थे तो अखिलेश भी सजग है क्योंकि हिरन राधे मोहन के छोटे भाई है. और उनकी दबंग छबि से लोग वाकिफ है और वह मौजूदा समय मे पूर्वांचल के विभिन्न मार्गो पर चलने वाली पूर्व सासंद की बसो व टको का कारोबार देखते है. साथ ही वाराणसी मे प्रापर्टी का भी काम करते है.

घूम कर मुफ्त मे बांट रहे ज्ञान लोग मान रहे हो गये निर्रथक

कुल मिलाकर सपा नेता राधे मोहन आजकल निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों व सपा तथा भाजपा की ओर से अध्यक्ष पद की दौड लगा रहे प्रत्यासियो को मुफ्त मे जीत का तिकडम समझाने का ज्ञान बाटने मे लगे है. और दोनो खेमे को सपना सिह को हराने का तरीका समझाते देखे जा रहे है. कुछ सदस्यों को लक्ष्मी कृपा के लिए योजना बताने का भी काम तेजी से कर रहे है. अंदरखाने यह भी चर्चा है कि राधे मोहन सपा के अलावा लड रहे एक प्रत्याशी को तो 5 से 8 वोट दिलाने का भी दाना डाल रहे है. लेकिन खुद जो हार जाय उसकी हालत विजेता समझ जाने के बाद बताता नही है.

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