न्याय पंचायत स्तर पर गोवंश आश्रय स्थल स्थापित किये जायें : मुख्य सचिव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों की बैठक में मुख्यमंत्री निराश्रित बेसहारा, गोवंश सहभागिता योजना, गेहूँ खरीद, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, पराली प्रबन्धन, आई.जी.आर.एस. के निस्तारण आदि की प्रगति की समीक्षा की। 

अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने न्याय पंचायत स्तर पर गोवंश आश्रय स्थल स्थापित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्थापित गोवंश स्थलों का निरीक्षण करा लिया जाये तथा स्वच्छता, भूसा, पेयजल, हरा चारा आदि की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाये। उन्होंने कहा कि गोवंश आश्रय केन्द्रों में बीमार गोवंश के इलाज की भी समुचित व्यवस्था रहे। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के अन्तर्गत 86808 गोवंश सुपुर्द किये गये हैं जो कि लक्ष्य का 86.81 प्रतिशत है। 
समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीद की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जिन किसानों का गेहूँ क्रय केन्द्रों में आ चुका है, उनकी खरीद कर ली जाये तथा किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित कराया जाये। बैठक में बताया गया कि अब तक लक्ष्य से अधिक करीब 56 लाख मी. टन गेहूँ की खरीद की जा चुकी है। 
प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने वर्ष 2020-21 के 5 प्रतिशत तथा वर्ष 2021-22 के 10 प्रतिशत लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से सम्बन्धित प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण 30 जून, 2021 करा दिया जाये। 
जन शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने जन शिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण से शिकायतकर्ता को सन्तुष्ट होना चाहिए। उन्होंने 01 अप्रैल, 2020 के पश्चात् से मृत कार्मिकों के आश्रितों को देयों का भुगतान प्राथमिकता पर कराने के निर्देश दिये। मृतक आश्रित को सरकारी सेवा में लेने के प्रकरण भी लम्बित न रहें। उन्होंने इस प्रकार के सभी प्रकरणों का निस्तारण 30 जून, 2021 तक सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। 
उन्होंने कहा कि बारिश शुरू हो चुकी है, जल भराव एवं स्वच्छता की लगातार मॉनिटरिंग की जाये। बैठक में सम्बन्धित सभी विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी आदि उपस्थित थे। 

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