Tuesday, 1 June 2021

कम्युनिटी स्प्रेड का पता लगाने को सभी जिलों में होगा सीरो सर्वे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना की रफ्तार धीरे धीरे कम हो रही है। सरकार हर संभव आम लोगो की मदद कर रही है। अब सरकार कोरोना वायरस के कम्युनिटी स्प्रेड का पता लगाने के लिए सभी जिलों में अगले हफ्ते से सीरो सर्वे शुरू कर रही है। सीरो सर्वे के जरीए ये पता लगाया जाएगा कि किस जिले के किस क्षेत्र में कोरोना का कितना संक्रमण फैला और आबादी का कितना हिस्सा संक्रमित हुआ है। यह भी सामने आएगा कि कितने लोगों में कोरोना से लड़ने के लिए एंटीबाडी बन चुकी है। सीरो सर्वे में खून के सीरम की जांच की जाती है।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि हफ्ते भर में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित कर सीरो सर्वे का काम शुरू कर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश में पिछले महीने के दौरान 11 जिलों में सीरो सर्वे कराया गया था। यह सर्वे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, प्रयागराज, गाजियाबाद, मेरठ, कौशांबी, बागपत व मुरादाबाद में हुआ था। उस समय सीरो सर्वे में 2211 फीसद लोगों में एंटीबाडी पाई गई थी। यानी हर पांचवां व्यक्ति कभी न कभी कोरोना से संक्रमित हुआ था।

सीरो सर्वे से यह पता लगाने में मदद होती है कि किस अनुपात में आबादी कोरोना वायरस से संक्रमित हुई है। सीरो सर्वे में किसी क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों के सीरम की जांच होती है। लोगों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने के एंटीबाडी मौजूद हैं या नहीं इसका भी पता चलता है। साथ ही इसकी भी जानकारी होती है कि कौन व्यक्ति कब संक्रमित हुआ और कब ठीक हो गया। सीरो सर्वे के नतीजों के अनुसार कोरोना पर काबू पाने में आसानी होगी।

अभी प्रत्येक सर्विलांस दल चार भागों में से किसी एक भाग में एक मकान से शुरुआत करते हुए आठ मकानों में रह रहे लोगों के नमूने लेंगे। इसमें शुरुआत के छह मकानों में प्रत्येक से 18 वर्ष से अधिक आयु के एक व्यक्ति का खून का नमूना लिया जाएगा। अंतिम दो मकानों में पांच वर्ष से 18 वर्ष की आयु के बीच एक व्यक्ति का नमूना लिया जाएगा। इस तरह सभी चार भागों से कुल 32 नमूने लिए जाएंगे। प्रत्येक क्षेत्र में 16 पुरुष व 16 महिलाओं के नमूने लिए जाएंगे।

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