Wednesday, 9 June 2021

9 साल में छह बार कैंसर को हरा चुका है 23 वर्षीय जयंत, अब कर रहा कैंसर पीड़ितों की भी मदद

एसपी मित्तल 
कैंसर रोग का नाम सुनते ही यह मान लिया जाता है कि रोगी का बचना मुश्किल है। वो लोग भाग्यशाली होते हैं, जो कैंसर रोग का पता लगने के बाद कुछ वर्ष जिंदा रह जाते हैं। लेकिन अजमेर का 23 वर्षीय युवक जयंत गर्ग देश का संभवत: इकलौता कैंसर रोगी होगा जिसने पिछले 9 वर्षों में 6 बार जानलेवा कैंसर को अपने शरीर से बाहर खदेड़ दिया। जयंत अब इतना अनुभवी हो गया है कि आगे भी कैंसर को हराने की हिम्मत रखता है। सिटी स्टार संस्था बनाकर जयंत अब कैंसर पीड़ितों की मदद भी कर रहा है। वह अपने अनुभवों के आधार पर कैंसर को हराने के तरीकों पर एक पुस्तक भी लिख रहा है।

जयंत के हौसले से लगता है कि वह भविष्य में कैंसर रोगियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। जयंत ने बताया कि पहली बार उसे कैंसर होने का पता 14 वर्ष की उम्र में चला, 2013 में जब वह दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था, तभी गले में राइट साइड में कैंसर होने की जानकारी हुई। उसने जयपुर के भगवान महावीर कैंसर अस्पताल में डॉक्टर अजय बाफना से अपना इलाज करवाया। अस्पताल में उसे 12 बार कीमोथेरेपी दी। इसी दौरान उसने सीबीएसई की परीक्षा भी उत्तीर्ण की।  

दूसरी बार 2015 में गले के दूसरे हिस्से में कैंसर का पता चला तो उसने कोलकाता स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल की डॉ. रीमा नैयर से इलाज करवाया। 60 रेडियो थैरेपी का सेक भी लिया। 2017 में तीसरी बार पेट में दर्द होने पर पेनक्रियाज में कैंसर होने का पता चला, दूरबीन के जरिए इस कैंसर का इलाज भी जयपुर के एसएमएस अस्पताल में करवाया। 2019 की शुरुआत में फिर पेनक्रियाज में कैंसर का पता चला और फिर 2020 में बाजू में छोटी छोटी गांठ की जानकारी हुई। इस दौरान उसने बोनमेरो ट्रांसप्लांट भी करवाया। हालांकि अभी वह स्वस्थ है, लेकिन कैंसर के फिर होने का अंदेशा बना हुआ है, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी है, जब तक उसके शरीर में सांस है, तब तक वह कैंसर से लड़ता रहेगा। जयंत की हौसला अफजाई के लिए मोबाइल नम्बर 7737976731 पर संवाद किया जा सकता है। 

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