मन की बात में PM मोदी ने की सेना की तारीफ, देश की चुनौतियों पर की चर्चा

नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम के जरिए पूरे देश को संबोधित किया। इस संबोधन में उन्होंने कोरोना संक्रमण का जिक्र किया। इसके बाद उन्होंने ताउते और यास, छोटे-मोटे भूकंपों का भी जिक्र किया जिससे देश के कई राज्य प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, देश की जनता पूरी ताकत के साथ लड़ी। उन्होंने इन हादसों में मारे गये परिजनों के प्रति संवेदना भी प्रकट की।

मन की बात में प्रधानमंत्री ने सभी सरकारों के योगदान का जिक्र किया। केंद्र, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन सभी एक साथ मिलकर इस आपदा के सामने करने में जुटे हैं। मैं उन सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने करीबियों को खोया है। इस दौरान पीएम ने एक ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाले टैंकर चालक से भी बात की।

फ्रंट लाइन योद्धाओं से चर्चा
कोरोना से जारी लड़ाई का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने एक महिला रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस की चालक से बात करते हुए कहा कि महिलाओं ने भी आपदा में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। पीए ने कहा, महिलाओं ने देश को कोरोना से लडऩे की ताकत दी है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस देश के कोने-कोने तक पहुंच रही है। एक ऑक्सीजन एक्सप्रेस तो सिर्फ महिलाएं चला रहीं हैं।

सेना ने निभाई जिम्मेदारी
पीएम ने महामारी से मुकाबले के दौरान वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के अलावा सेना, एयरफोर्स और नौसेना के योगदान का जिक्र भी किया। चर्चा के दौरान उन्होंने हिंडन एयर बेस पर तैनात ग्रुप कैप्टन ए के पटनायक से बात करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। पीएम ने उनकी बेटी अदिति से भी चर्चा करते हुए बेटियों की बात को मां सरस्वती के मुख से निकला आशीर्वाद बताते हुए कहा कि देश इस महामारी से जरूर जीतेगा। 

लैब टेक्नीशियंस का आभार जताया
पीएम ने अपने संबोधन में दिल्ली के एक संस्थान की प्रयोगशाला में तैनात लैब टेक्नीशियन के अनुभवों से देश के लोगों को रूबरू करवाया। पीएम ने कहा देश में हजारों टेस्टिंग लैब में कोरोना की जांच हो रही है। एक दिन में लाखों लोगों की जांच हो रही है। ऐसे में उन्होंने चौबीसों घंटे काम करने वाले लैब टेक्नीशियंस का आभार जताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पिछले एपिसोड में डॉक्टर्स, नर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और कोरोना सर्वाइवर्स पर अपनी बात रखी थी। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में देश की स्थिति और अनुभवों का जिक्र किया था। वैक्सीनेशन को लेकर फैली अफवाहों को भी दूर करने की कोशिश की थी।

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