सेंट्रल जेल में महिला बंदी का किया गया टीकाकरण, नियमित रूप से किया जा रहा है टीकाकरण

रायपुर। रायपुर सेंट्रल जेल में कोविड-19 कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण का कार्य जारी है । इसी के चलते सेंट्रल जेल में बंद निर्धारित आयु वर्ग की महिला बंदी को भी कोविड-19 का टीका लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीककरण टीम सेंट्रल जेल में जाकर गाइड लाईन का पालन करते हुऐ टीकाकरण का कार्य कर रही हैं।

मीडिया प्रभारी गजेंद्र डोंगरे ने बताया: 'Óसेंट्रल जेल में 1अप्रैल को वहां के बंदी को प्रथम डोज़ का कोरोना टीकाकरण किया गया था । कुल 95 बंदी का टीकाकरण हुआ जिसमें 45 अधिक आयु  के 70 और 60 से अधिक आयु  के 25 बंदी थे। वहीं  5 फ्रंटलाइन कर्मियों को दूसरे डोज़ का टीकाकरण हुआ । कुल 100 लोगों  का अब तक टीकाकरण किया गया था।

उसके बाद 12 मई  को 45 वर्ष से ऊपर के 60 बंदी को वैक्सीन का प्रथम डोज़ लगाया गया था। अगले दिन  60 लोगों को प्रथम डोज और 30 लोगों को द्वितीय डोज़ स्वास्थ्य विभाग की स्टाफ नर्स मीला पटेल और एएनएम जूली साहू द्वारा दिया गया है । 14 मई को 48 महिला बंदी को प्रथम डोज और 40 पुरूष बंदी को द्वितीय डोज़ लगा है। इसी परिपेक्ष में शुक्रवार को जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल के निर्देश पर मीडिया प्रभारी गजेंद्र डोंगरे एवं सेक्रेटेरियल असिस्टेंट राज यदु द्वारा सेंट्रल  जेल  में चल रही थी टीकाकरण की मानिटरिंग का कार्य किया गया।

जेल में बंद बंदी और जेल कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए वैक्सीनेशन किया जाना जरूरी था। वहीं, संक्रमण प्रसार को देखते हुए जेल में संचालित की जाने वाली टीकाकरण की गतिविधियों में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुऐ किया जा रहा है।

टीकाकरण के बाद किसी प्रकार की प्रतिकूल घटना होती है तो बंदी को अस्पताल ले जाने के लिए एंबूलेंस आदि भी तैयार रहती है । हालांकि अब तक हुए टीकाकरण में किसी भी तरह के प्रतिकूल प्रभाव की बात नही है।
टीका लेने के बाद सभी बंदी की निगरानी की जा रही है। अब तक टीकाकरण के बाद किसी भी बंदी को कोई परेशानी नहीं हुई है। सेंट्रल जेल में चलाये जा रहे टीकाकरण अभियान का जायजा प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।

बताए जा रहे हैं सुरक्षा के टिप्स
मीडिया प्रभारी डोंगरे कहते है टीकाकरण के बाद बंदी को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के टिप्स भी दिए जा रहे हैं जिसका पालन कर वह स्वयं को संक्रमित होने से बचा सकें। उनको बताया जा रहा है कि वर्तमान कोरोना काल में बंदी अपने स्वजन से मुलाकात न के बराबर करें। अगर बहुत ही आवश्यक होने पर करना पड़े तो कोविड नियमों का पालन कठोरता से करते हुए करें। वहीं जेल में कार्यरत कर्मचारियों से भी अनुरोध किया जा रहा है वह बंदी से शारीरिक दूरी बनाये रखें, ताकि उनके संक्रमित होने की संभावना में बंदी को कोरोना संक्रमण न होने पाये। 

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