सुप्रीम कोर्ट ने 12वीं की परीक्षा रद्द करने की याचिका पर सुनवाई टाली

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड परीक्षा रद्द करने की याचिका पर सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी। न्यायमूर्ति माहेश्वरी ने कहा कि सरकार 1 जून तक परीक्षाओं पर फैसला ले सकती है। कोर्ट ने कहा कि आशावादी रहें, शायद सोमवार तक कोई प्रस्ताव आपके पक्ष में हो। हम सोमवार को इस मामले की सुनवाई करेंगे।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस  एनवी रमन्ना को 300 छात्रों ने पत्र लिखकर कर परीक्षाएं रुकवाने की मांग की थी। परीक्षा रद्द कराने के संबंध में छात्रों ने अपने पत्र में लिखा कि कोरोना महामारी के बीच सीबीएसई की ओर से ऑफलाइन परीक्षाएं कराने के फैसले पर रोक लगाई जाए। साथ ही छात्रों ने चीफ जस्टिस से यह भी मांग की कि वह केंद्र सरकार को इस संबंध में निर्देश दें कि वैकल्पिक असेसमेंट योजना उपलब्ध कराई जाए।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 12वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर जल्द फैसला ले सकता है। रविवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर इस मसले पर राज्यों के शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा सचिवों के साथ बड़ी बैठक की थी।
इस बैठक के बाद कई राज्यों ने सरकार को अपनी राय भेजी है। कई राज्य बोर्ड परीक्षा कराने के पक्ष में हैं। हालांकि कई ने परीक्षाओं से पहले छात्रों को वैक्सीन लगवाने की वकालत की है।
छात्र सोशल मीडिया पर लगातार परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, सीबीएसई परीक्षा रद्द करने के पक्ष में नहीं है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का तर्क है कि 12वीं बोर्ड छात्रों का अहम पड़ाव है। यहां से छात्रों के लिए हायर एजुकेशन के रास्ते खुलते हैं। ऐसे में किसी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत छात्रों को सीधे रिजल्ट देने को बोर्ड तैयार नहीं है।

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