Sunday, 25 April 2021

रमज़ान का एक-एक लम्हा कीमती, घरों में करें इबादत: पीरज़ादा सैफ मियाँ

दानिश उमरी,  आगरा।  दरगाह हज़रत शेख सलीम चिश्ती से पीरज़ादा सैफ मियाँ चिश्ती ने कहा कि  रमज़ान माह मैं अल्लाह से की गई सभी दुआएं कुबूल होती हैं ऐसे में सभी को चाहिए कि वे करोना संक्रमण से दुनिया को मुक्त करने के लिए दुआ करें।  रमज़ान का मुकद्दस महीना सभी महीनों से अफजल और बरकत वाला है, यह महीना नेकी कमाने वाला है। इस माह मे जरूरतमंद लोगों के लिए सहरी और इफ्तार की व्यवस्था करें। 

इसी मुबारक माह में कुरान नाजिल हुआ था, जो इस्लाम धर्म पर चलने का सही मार्ग दिखाने व इस धर्म को मानने के सभी उद्देश्य सिखाता है।

यह महीना बुराइयों से दूर रहकर नेक रास्ते पर चलने के अलावा अच्छी सीख देता है। रमज़ान का महीना बरकत के साथ इबादत करने का खास महीना है इस महा में की गई इबादत का अन्य दिनों मे की गई इबादत से 70 गुना ज्यादा सवाब मिलता है 30 दिन का यह रोजा हर बालिग मर्द, औरत ओर बुजुर्ग पर फर्ज है।

सैफ मियाँ ने बताया रमजान उल मुबारक मैं 3 अशरे होते हैं पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा दोज़ख की आग से निजात है। पहला अशरा यानी 10 रोजा शुक्रवार को मुकम्मल हो गया इसी के साथ दूसरे अशरे अशरा ए मगफिरत का आगाज हो गया है इसमें अल्लाह ताला अपने बंदों के रोजे, इफ्तार, सेहरी, नमाज, तरावीह और दूसरे नेक कामों को कुबूल फरमाता है। इन नेक कामो की वजह से अल्लाह अपने बंदों की मगफिरत कर देता है।

गुनाहों से माफी के लिए इससे ज्यादा बेहतर कोई मौका नहीं होता उन्होंने कहा कि हर मुसलमान को चाहिए कि वह इस मौके को जाया ना करें और अल्लाह की इबादत करते हुए अपने गुनाहों पर शर्मिंदा होने के साथ अल्लाह से माफी की भीख मांगें, यकीनन अल्लाह माफ करेगा।

इसके साथ ही इन दिनों कोरोना वायरस की वजह से अपने घरों में रहकर इबादत करें प्रशासन द्वारा बताई गई ताकीद पर अमल करें हर नमाज में कोरोना वायरस के खात्मे के लिए दुआ करें।

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