Wednesday, 28 April 2021

निजी कोविड व गैर कोविड हॉस्पिटल संचालकों के लिए नए दिशा-निर्देश

मुरादाबाद। कोविड-19 के लेकर शासन की मंशा के तहत विशेष दिशा निर्देश जारी किए हैं। यह दिशा निर्देश सभी निजी कोविड व गैर कोविड हॉस्पिटल संचालकों को तुरंत लागू करने होंगे अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आप भी जानिए क्या है यह नए नियम।

1. कोविड का ईलाज करने वाले प्रत्येक अस्पताल प्रतिदिन रिक्त आईसीयू बैड तथा आईसुलेशन आक्सीजन बेड की सूचना icccmoradabad@gmail.com पर एकीकृत कोविड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर को नियमित रूप से प्रातः 10.00 बजे तक प्रेषित करेगें ।
2 . चिकित्सालय संचालकों को यह निर्देश दिया गया कि रेमेडिसिवर दवा सीमित मात्रा में उपलब्ध है। अतः रूटीन प्रकिया के अन्तर्गत सभी को प्रेसकाइब्ड करने के बजाये जिन कोरोना रोगियों को वास्तविक आवश्यकता हो उसकी स्थिति का संक्षिप्त उल्लेख करते हुये पत्र प्रेषित करें ।

3 . कोविड रोगियों की संख्या में वृद्धि के फलस्वरूप आक्सीजन की मांग बढ़ गई है , ऐसी स्थिति में चिकित्सालय संचालकों को निर्देशित किया गया कि वह अपने चिकित्सालय के लिये एक नोडल अधिकारी नामित कर दे जो वितरण ऐजन्सियों के निरन्तर सम्पर्क में रहे ताकि कोई भी व्यवधान / कमी उत्पन्न न हो ।

4 . कोविड का इलाज करने वाले चिकित्सालय संचालकों को यह निर्देश दिया गया कि ऑक्सीजन का आडिट आवश्य करे। जिन कोविड मरीजों को ऑक्सीजन की जितनी आवश्यकता हो उतनी अवश्य दी जाये । यह कार्य पैरा – मेडिकल स्टॉफ पर न छोड़ा जाये , बल्कि फिजिशयन / चैस्ट मेडिसिन के चिकित्सक ही प्रतिदिन दी जाने वाली ऑक्सीजन की मात्रा रोगी की फाईल पर अंकित करें।

5 . प्रत्येक चिकित्सालय संचालक यह अवश्य सुनिश्चित करें कि चिकित्सालय में भर्ती रोगियों के परिवारीजन की उनसे प्रतिदिन वार्ता अवश्य हो।

6 . चिकित्सालय संचालकों को यह भी निर्देश दिया गया कि वह ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर की व्यवस्था भी करें तथा यदि उनके पास स्थान की उपलब्धता है तो पृथक से ऑक्सीजन प्लान्ट लगवाने की भी व्यवस्था करें।

7 . आने वाले समय में कोविड रोगियों की संख्या में वृद्धि हो सकती है, चिकित्सालय संचालकों को निर्देशित किया गया कि क्रिटिकल केयर के जितने संसाधन बढ़ा सकते हैं वह अवश्य बढाये। चिकित्सालय संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि चिकित्सालय अपनी ऑक्सीजन बैड / आईसीयू बैड की क्षमता में वृद्धि अवश्य करें।

8 . चिकित्सालय में ईलाज कराने आने वाले प्रत्येक लक्षणयुक्त ( खांसी / जुखाम / बुखार ) व्यक्ति का आरटीपीसीआर टेस्ट अवश्य कराये। कुछ चिकित्सालयों में यह देखा गया है कि लक्षणयुक्त ( खासी / जुखाम / बुखार ) व्यक्ति को कई दिन एडमिट रखने के पश्चात कोरोना टेस्ट कराया गया और पॉजिटिव पाये जाने पर अन्य चिकित्सालय में जाने हेतु कहा गया। यह उचित नहीं है प्रत्येक लक्षणयुक्त व्यक्ति का यथासम्भव एंटीजन / आर.टी.पी.सी.आर . टेस्ट शीघ्र अतिशीघ्र होना चाहिये।

9 . कोविड -19 की जांच करने वाली लैब के संचालकों को निर्देशित किया गया कि वह सरकार द्वारा निर्धारित दर पर ही कोविड टेस्ट करना सुनिश्चित करे , अन्यथा की स्थिति में प्रभावी कार्यवाही की जायेगी।

10 . चिकित्सालय संचालकों को निर्देश दिया गया कि भर्ती मरीजों का एस.पी.ओ. – 2 प्रत्येक 24 घण्टे में 3 से 4 बार , भर्ती अवधि में कम से कम दो बार रक्त की जांच तथा यथा आवश्यक सी.टी. स्कैन अवश्य किया जाये ताकि समुचित इलाज समय से हो सकें।

11 . चिकित्सालय संचालकों को निर्देश दिया गया कि वह राज्य सरकार द्वारा निर्देशित दर से ही भुगतान प्राप्त करें, सरकार द्वारा निर्धारित दर से अधिक भुगतान प्राप्त करने वाले चिकित्सालयों के विरूद्व समुचित कार्यवाही की जायेगी।

12 . चिकित्सालय संचालकों को यह भी निर्देश दिया गया कि यदि किसी मरीज को हायर सैन्टर रैफर किया जाता है तो उसे एम्बूलेंस में समुचित ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ विधिवत रैफलर स्लिप बनाकर किया जाये , इसका उल्लंघन किसी भी दशा में न किया जाये।

13 . यदि चिकित्सालय में भर्ती कोविड मरीज की मृत्यु होती है तो उसकी डैथ समरी रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर अवश्य तैयार की जायें।

14 . चिकित्सालय संचालकों को यह भी निर्देश दिये गये कि उनके संस्थान से काफी संख्या में कोविड रोगी ठीक भी हो रहे है , ऐसी स्थिति में संस्थान की सक्सेस स्टोरी भी प्रिन्ट मीडिया एवं इलैक्ट्रानिक मीडिया में दी जाये।

मालूम हो कि यह दिशा-निर्देश ज़िलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने जारी किए हैं और उल्लंघन पर कार्रवाई तय है।

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