Monday, 26 April 2021

इलाज कर रहे डॉक्टर खुद हटा रहे बेड से मरने वाले का शव

भोपाल। हमीदिया अस्पताल में इन दिनों कोविड मरीजों के इलाज में हर दिन नई परेशानी सामने आ रही है। कभी ऑक्सीजन की कमी तो कभी आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल और कभी रेमडेसिविर इंजेक्शन की शार्टेज। रविवार को यहां हालात ऐसे थे कि कोविड अस्पताल ब्लॉक डी में एक भी वार्ड बॉय काम करने वाले का पता नहीं था। यहां काम कर रहे रेसीडेंट डॉक्टर कई बार जीएमसी और हमीदिया प्रबंधन को यह मैसेज भेज रहे थे कि छठवें माले पर वार्ड बॉय नहीं है। कृपया यहां किसी को भेजें, यहां बेड पर दो लोगों की मौत हो गई है, इनके शव हटाने वाला भी यहां कोई नहीं है। यदि शव नहीं हटाए जाएंगे तो हम मरीजों को कहां भर्ती करेंगे।

सीनियर डॉक्टर नहीं कर रहे मदद - हमीदिया अस्पताल में मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी रेसीडेंट डॉक्टर के ऊपर है। उनके साथ जूनियर डॉक्टर और एमबीबीएस इंटर्नशिप वाले छात्र काम कर रहे हैं। जबकि सीनियर डॉक्टर सिफ राउंड लेकर चले जाते हैं। कई बार रेसीडेंट और जूनियर डॉक्टर अपनी समस्या अपने एचओडी और सीनियर डॉक्टर को बताते हैं, लेकिन इन्हें कोई मदद नहीं मिली। बेड संख्या की तुलना में कम है स्टाफ - हमीदिया अस्पताल में इन दिनों करीब 700 कोविड बेड हैं। जिन पर सौ फीसदी मरीज भर्ती हैं। मरीजों की संख्या के मुकाबले हमीदिया में वार्ड बॉय और सफाईकर्मी की संख्या कम है। कई दिनों से अस्पताल के चिकित्सक इनकी संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं कि हमीदिया अस्पताल प्रबंधन ऐसा करने में नियमों का हवाला दे रहा है।  

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