सुसाइड के लिए जानी जाती हैं ये जगहें...

दुनिया में हर साल लाखो लोग आत्महत्या करते है। कोई घर में तो कोई घर से बाहर। और आज हम आपको कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में बताने जा रहे है जो की सबसे ज्यादा मशहूर है वो भी सिर्फ आत्महत्या करने के लिए। इनमें से ज्यादातर जगहें ऐसी हैं जहां लोग कूदकर अपनी जान दे देते हैं। यहां से सुसाइड की कोशिश करने के बाद बचने की संभावना बेहद कम बताई जाती है। हालांकि, इसको लेकर लगातार डिबेट चलते रहते हैं कि इन जगहों पर ही सबसे अधिक लोग सुसाइड करने क्यों आते हैं। माना यह भी जाता है कि यहां आकर सुसाइड करने वाले की सोच, घर में बंद होकर सुसाइड करने वाले से अलग होती है।
1. माउंट मिहारा, जापान (Mount Mihara, Japan) – यह जापान में सबसे बदनाम सुसाइड प्वाइंट है। दरअसल, माउंट मिहारा एक एक्टिव वोल्कैनो है और यहां दूर-दूर से लोग जान देने आते हैं। हालांकि, अधिकारियों ने वन वे टिकट लेकर यहां आने पर रोक लगा दी है।
2. बॉस्फोरस ब्रिज, इस्तांबुल, तुर्की (Bosphorus Bridge, Istanbul, Turkey) – यह ब्रिज एशिया और यूरोप को जोड़ता है। 210 फीट ऊंचे ब्रिज से कूदने पर बचने की संभावना सिर्फ 3 फीसदी होती है। यह 1973 में बना था। हालांकि, अधिकारियों ने सुसाइड रोकने के लिए इस ब्रिज को पैदल पार करने पर रोक लगा दी थी। लेकिन कई लोग टैक्सी से आते थे और बीच में ब्रिज पर उतरकर सुसाइड की कोशिश करते थे। आधिकारिक तौर पर यहां सुसाइड करने वाले का आंकड़ा नहीं है, लेकिन कई सौ लोग यहां भी जान दे चुके हैं।
3. न्यूयॉर्क स्काईलाइन (New York Skyline) – दूसरे अमेरिकी शहरों के मुकाबले न्यूयॉर्क में ऊंची इमारतों से कूद कर जान देने का आंकड़ा 10 गुना अधिक माना जाता है। न्यूयॉर्क में होने वाले सभी सुसाइड में भी ऊंची इमारतों से कूदकर जान देने का आंकड़ा अधिक है और करीब 20 फीसदी बताया जाता है। 2008 तक करीब 30 सालों में यहां 5 हजार लोगों ने कूदकर जान दे दी। कई घरों की ऊंचाई 1000 फीट तक होती है।
4. बीची हेड, इंग्लैंड (Beachy Head, England) – इसकी ऊंचाई 500 फीट है। planetdeadly.com के मुताबिक, यहां हर साल औसतन 20 लोग अपनी जान दे देते हैं। कई लोगों ने यहां कूद कर जान दी है, तो कई कार चलाते हुए भी सुसाइड कर चुके हैं।
5. नियाग्रा फॉल्स (Niagara Falls, USA / Canada) – कनाडा और अमेरिका की सीमा पर स्थित नियाग्रा फॉल्स करीब 165 फीट गहरा है। कई लोग यहां दुर्घटना की वजह से भी मारे गए हैं। 1856 से 1995 के बीच यहां करीब 2780 सुसाइड हुए हैं, जबकि अभी भी औसतन हर साल 25 लोग यहां अपनी जान देते हैं।

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