आखिर पुरुषों के करीब आने पर क्यों बेचैन होने लगती हैं लड़कियां

पुरुषों के करीब जाने या उनके आसपास होने पर लड़कियां डर और बेचैनी महसूस होती है। लड़कियों के मन में बैठे इस डर को एंड्रोफोबिया कहा जा सकता है। जब किसी लड़की को अपने आसपास किसी पुरुष के होने पर असहज या बेचैनी महसूस हो तो वह इस फोबिया से ग्रस्‍त हो सकती है।
लड़कियों के मन में बैठ जाता है डर:
इस तरह का एंड्रोफोबिया डर बचपन से ही पनपना शुरु हो जाता है, वहीं कुछ लड़कियों के मन में ये डर किशोरावस्‍था में घर करने लगता है। इस एंड्रोफोबिया से ग्रस्‍त लड़कियों को लगता है कि पुरुष खतरनाक होते हैं और उनके पास जाने से उन्‍हें नुकसान पहुंच सकता है।
क्या है इस डर का इलाज:
# क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ: जब इस डर से ग्रसित महिलाएं किसी पुरुष के साथ हैल्‍दी रिलेशनशिप में आती हैं तो उनका ये डर धीरे-धीरे दूर हो जाता है। लेकिन इन्‍हें सिंगल रहने के बारे में बिलकुल नहीं सोचना चाहिए।
# परिवार का साथ: इस फोबिया से पीडित लड़कियों को अपने परिवार के पुरुष सदस्‍यों जैसे पिता, भाई और कजिंस से डर नहीं लगता है लेकिन उन्‍हें परिवार से बाहर के किसी भी पुरुष से खतरा महसूस होता है।
# दोस्तों का साथ: दोस्‍तों और परिवार के लोगों के बीच रहना चाहिए। कोई न कोई इंसान आपके लिए भी बना है जो एक दिन आपकी लाइफ में आएगा और आपकी दुनिया पूरी तरह से बदल जाएगी।
कैसे होती है इस डर की शुरुआत:
इस फोबिया की शुरुआत बचपन से भी हो सकती है। बचपन में हुए किसी खतरनाक हादसे की वजह से लड़कियों के मन में इस तरह का डर बैठ सकता है। जब आपके साथ कुछ दर्दनाक घटित हुआ होता है तो आपका दिमाग उसे रिकॉर्ड कर लेता है और फिर उससे संबंधित डर पैदा कर देता है और बार-बार आपको उस खतरे से दूर रहने की चेतावनी देता है।
# क्या है इस डर के लक्षण:
किसी पुरुष के करीब जाने या उसके आसपास होने पर अगर आपको बेचैनी, पसीना आना या घृणा महसूस होती है तो आपको ये फोबिया हो सकता है। कुछ महिलाओं को सीने में दर्द और तेज सांसों की शिकायत भी होती है। कुछ लड़कियों को किसी पुरुष द्वारा खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे विचार आते हैं।

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