जानिए फर्स्ट टाइम सेक्स से क्यों डरती हैं स्त्रियां

जब आप पहली बार सेक्‍स करते हैं, तो आप खुश होने के साथ-साथ अगर चिंता में डूब गये हैं, तो समझ लीजिये आपके दिमाग में ढेर सारी भ्रांतियां घुसी हुई हैं. यहां पर हम बात करेंगे उन भ्रांतियों की, जो लोगों के मन में पहली बार किये जाने वाले सेक्‍स के प्रति होती हैं। हम जिन बातों के बारे में बात करने जा रहे हैं, वह सही साबित होती हैं, उन लोगों पर जो पहली बार संभोग करते हैं. कई बार लोग इतने ज्‍यादा डर जाते हैं कि वे डॉक्‍टर तक के पास चले जाते हैं, जबकि उनके साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ होता है.
स्त्री को फर्स्ट टाइम सेक्स से डरने के कारण : 
दर्द : यह भ्रांति आम तौर पर महिलाओं में होती है कि संभोग करने पर उन्‍हें असहनीय दर्द होगा और बड़े व टाइट लिंग को वो अपनी योनि में सहन नहीं कर पायेंगी. यह बातें आम तौर पर लड़कियों को तब बतायी जाती हैं, जब वो किशोरावस्‍था को पार करती हैं.
ब्‍लीडिंग अथवा रक्‍तस्राव : तमाम लोगों के मन में यह भ्रंति होती है कि पहली बार सेक्‍स करने पर लड़की की योनि से ब्‍लीडिंग यानी रक्‍तस्राव जरूर होना चाहिये. रक्‍तस्राव नहीं होने पर कई लोग तो यह समझ बैठते हैं कि लड़की पहले किसी के साथ संबंध स्‍थापित कर चुकी है या फिर उसका कौमार्य भंग हो चुका है या वो वर्जिन नहीं थी. सच पूछिए तो यह सब पूरी तरह गलत है. तमाम लोगों में यह भ्रांति होती है कि पहली बार संभोग करने पर योनिच्छद टूट जाता है, इसलिए रक्‍तस्राव होता है.
प्रेग्नेंट होने का डर : महिलाओं को डर लगता है की सेक्स करने से प्रेग्नेंट होने का डर बना रहता है,जिससे महिलाएं सेक्स करने से डर लगता है.
नर्वसनेस : स्त्री को पहली बार सेक्स करने पर डर बना रहता है,कि वो अपने साथी को पूर्ण रूप से संतुष्ट कर पायेगी या नहीं इस बात को लेकर नर्वस होती है.
परफॉरमेंस : महिलाओ को इस बात का डर बना रहता है कि वो अपने साथी के साथ सेक्स के टाइम परफॉमेंस कर पायेगी या नही यदि कर पायेगी तो कितना इस बात का डर बना रहता है.

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