इसलिए बाप बेटे कभी नहीं बन पाते सच्चे दोस्त

एक पिता बेटे का बाप कम दोस्त ज्यादा कहलाता है। कई बार इन दोनों के बीच कुछ ऐसी बातें हो जाती है, जिससे बाप-बेटे की दोस्ती का रिश्ता कमजोर पड़ जाता है। बेटा को पापा बुरे लगने लगते है। आइए जानते है क्यों बाप-बेटे का रिश्ता क्यों दोस्ती में नहीं बदल पाता। 
बाप-बेटे नहीं बन पाते अच्छे दोस्त:
# अभी बच्‍चे हो: बेटा जब छोटे से बड़ा भी हो जाता है तो वह खुद को समझदार और बड़ा समझने लगता है लेकिन बाप के लिए बेटा चाहें जितना मर्जी बड़ा हो जाए, बेटा ही रहेगा। बाप बेटे को नासमझ और बच्चा ही मानते है। यहीं बात बेटे को मंजूर नहीं होती, जिससे उनके बीच दूरी बनने लगती है।
# जिम्‍मेदारी: बहुत से पेरेंट्स को लगता है कि उनका बच्चा कोई भी काम जिम्मेदारी से नहीं करता। इस बात पर बेटे को लगता है कि पापा को बिना बात पर बोलने की आदत है, जो बेटे को पापा से दूर करती है। 
# तुम्‍हारे बस का काम नहीं: जब बेटा आगे बढ़कर किसी काम की जिम्मेदारी लेता है तो पापा कह देते है, तुम्हारे बस का काम नहीं है। ऐसा सुनकर ही सारा उत्साह कम पड़ जाता है।     
# आवारागर्दी: जब बेटा कहीं बाहर से घूमकर आता है तो पापा का यहीं कहना होता है। बस आवारागर्दी के अलावा कोई काम नहीं रहा। चाहें बेटा कोई घर का काम ही करके आया हो। बस यहीं बात बेटे को बुरी लगती है और बाप-बेटे के बीच गलतफहमी पैदा हो जाती है। 

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