राष्ट्र निर्माण में पत्रकार अपना योगदान दें : राज्यपाल कोश्यारी

मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने कहा कि पत्रकारों को आदर्श स्थापित करते हुए राष्ट्रनिर्माण में अपना अमूल्य योगदान देना चाहिए। वे राजभवन में राष्ट्रीय पत्रकारिता कल्याण ट्रस्ट की ओर से आयोजित राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को रविवार को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर राज्यपाल ने वयोवृद्ध पत्रकार कनक सेन देका, पालकी शर्मा-उपाध्याय और प्रसाद काथे को राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

राज्यपाल कोश्यारी ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं बल्कि एक संकल्प है। देश के स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारों का बड़ा योगदान है। आगरकर, लोकमान्य तिलक, महात्मा गांधी, डॉ. अम्बेडकर ने सिर्फ समाचार देने के लिए समाचार पत्र प्रकाशित नहीं किए, उन्होंने सोये हुए सामाजिक मन को जगाकर स्वतंत्रता के लिए पत्रकारिता की। राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने अपील की कि पत्रकार अपने काम को अपनी आंखों के सामने रखकर आदर्श स्थापित करें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। पत्रकारों का काम समाज की कमियों को उजागर करना है।

राज्यपाल ने कहा कि संत कबीर के कथनानुसार पत्रकारों को किसी से ज्यादा दुश्मनी या ज्यादा नजदीकी नहीं रखनी चाहिए। इस तथ्य का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने 'जाति का विनाश' पुस्तक लिखी थी, राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि समाज में जातिवाद को समाप्त करने के लिए एक सार्वभौमिक प्रयास होना चाहिए। पत्रकारिता के लिए ज्ञान, समझ और बुद्धिमत्ता को जरूरी बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि 'हम पहले भारतीय हैं' की भावना पैदा होगी तो राष्ट्रीयता की भावना बढ़ेगी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राम लाल ने कहा कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया। अब नागरिकों का राष्ट्रीयकरण करना जरूरी है। इस कार्यक्रम में असम में अग्रदूत अखबार समूह के संपादक और अनुभवी लेखक कनकसेन देका को राज्यपाल ने बापूराव लेले राष्ट्रीय पत्रकारिता जीवन गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया जबकि वियोन न्यूज चैनल की प्रबंध निदेशक पालकी शर्मा-उपाध्याय को और जय महाराष्ट्र चैनल के संपादक प्रसाद काठे को को राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख राम लाल, राष्ट्रीय पत्रकारिता कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष रवींद्र संघवी, उद्यमी मालव दानी और पुरस्कार आमंत्रण समिति के प्रमुख मधुसूदन क्षीरसागर मंच पर मौजूद थे।
 

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