राज्यपाल के आदेश के पहले 24 घंटे में सत्तारूढ़ महागठबंधन ने की दो बड़ी बैठकें

रांची। झारखंड का सियासी तापमान गरम है। इस बीच महागठबंधन को राज्यपाल के उस फैसले का इंतजार है जिसमें बताया जा रहा है खनन पट्टा लीज मामले में चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री को दोषी मानते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की है। राज्य की सियासी हालात के मद्देनजर महागठबंधन अपनी पुख्ता तैयारी कर लेना चाहती है। इसी का नतीजा है कि शुक्रवार को पिछले 24 घंटे में महागठबंधन दल के विधायकों और इसके नेताओं की दो बैठकें हो चुकीं हैं।

महागठबंधन की बैठक में विधायकों की हाजिरी लगाई गई। इसके लिए दरवाजे पर दो कर्मचारी की तैनाती की गई थी जो यहां पहुंचने वाले विधायकों के नाम के आगे टिक लगाकर उनकी उपस्थिति फाइनल कर रहे थे।

झामुमो सूत्रों की मानें तो बैठक में सभी विधायकों से एक समर्थन पत्र पर दस्तखत कराने की बात भी सामने आ रही है। इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है कि जिस चेहरे पर सभी सहमत होंगे कांग्रेस भी उस पर राजी होगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चो चर्चाएं चल रहीं है उस मुद्दे पर बात हुई। इसके अलावा सूखाड़, अस्पताल व अन्य मुद्दों पर बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि जिस तरह की अफवाह फैलाई जा रही है उसे रोकी जा सके। उन्होंने कहा कि कहां कोई खतरा नहीं हमलोग पूरी तरह एकजुट हैं। सरकार स्थिर है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कैश कांड में बंगाल में गिरफ्तार इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप अभी तक निलंबित विधायक हैं। तो कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि जरूरत पड़ी तो उन्हें भी बुलाया जाएगा। राजेश ठाकुर ने कहा कि वे निलंबित विधायक हैं निष्कासित नहीं।

झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि ये एक शिष्टाचार बैठक थी। मुख्यमंत्री की विधायकी समाप्त होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो ये बोल रहा है वो सपना देखे। उन्होने कहा कि इस तरह कि नियमित बैठक पर हम अक्सर बैठते हैं। सुप्रीयो भट्टाचार्य ने कहा कि संघर्ष के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा हमेशा तैयार है।

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