मुजफ्फरपुर में निकाला गया उज्जैन के तर्ज पर महाकाल की पालकी झांकी

मुजफ्फरपुर में निकाला गया उज्जैन के तर्ज पर महाकाल की पालकी झांकी


मुजफ्फरपुर में निकाला गया उज्जैन के तर्ज पर महाकाल की पालकी झांकी


मुजफ्फरपुर में निकाला गया उज्जैन के तर्ज पर महाकाल की पालकी झांकी


मुज़फ़्फ़रपुर,17 जुलाई (हि.स.)। श्रावणी मेले को लेकर जिले वासियों में भक्ति का रंग सर चढ़कर बोल रहा है मुजफ्फरपुर का बाबा गरीब नाथ धाम उत्तर बिहार के सबसे बड़े शिवालयों में एक है यहां उत्तर बिहार के कई जिलों से शिव भक्त जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। हजारों हजार की संख्या में शिवभक्त जलाभिषेक करते हैं। कोरोना काल के बाद शिव भक्तों के जलाभिषेक के लिए यह श्रावणी मेला काफी अहम है। इस बार जिला प्रशासन भी तैयारियों में पूरी तरह से जुड़ा है उम्मीद की जा रही है कि 2 वर्ष से अधिक हो जाने के कारण इस बार काफी ज्यादा शिव भक्तों की भीड़ शिवालय में जलाभिषेक के लिए पहुंचेगी ऐसे में विभिन्न सेवा दल भी अपनी अपनी तरफ से तैयारियों में कड़ी हैं। इसी कड़ी में रविवार को महाकाल सेवा दल द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होकर उज्जैन के महाकाल में निकाले जाने वाली पालकी झांकी की तरह पहली बार मुजफ्फरपुर शहर में बाबा गरीब नाथ धाम के लिए निकाला गया । इस झांकी में बिहार सरकार के राजस्व मंत्री और मुजफ्फरपुर के औराई विधानसभा से विधायक रामसूरत राय के साथ-साथ कई नेताओं ने भी हिस्सा लिया।

पूछे जाने पर महाकाल सेवा दल के सदस्यों ने कहा कि यह सब बाबा गरीब नाथ की कृपा है इनकी कृपा अपरंपार है अगर इनकी कृपा दृष्टि रही तो हर साल देश के विभिन्न शिवालयों में निकलने वाली झांकियों की तरह मुजफ्फरपुर में भी झांकी निकाली जाएगी। कल से सावन की पहली सोमवारी है हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे बाबा सब पर कृपा दृष्टि बनाए रखेंगे और सभी शिवभक्त भी शांतिपूर्ण तरीके से अपना जलाभिषेक कर मिन्नतें मांग कर अपने अपने गंतव्य को जाएंगे।

आपको बताते चलें कि पूर्व में भी इस मुजफ्फरपुर की चर्चित शिवालय बाबा गरीब नाथ मंदिर में हजारों हजार की संख्या में शिवभक्त जलाभिषेक करने आते हैं। जिसमें सबसे बड़ा योगदान सेवा दलों का होता है जो मंदिर से लेकर आने जाने वाले शिव भक्तों की सेवा में दिन रात लगे रहते हैं निस्वार्थ भाव से बाबा गरीब नाथ के नाम पर सेवा का यह परंपरा वर्षों पुरानी है। करीब पंद्रह सौ के आसपास विभिन्न सेवादलो के कार्यकर्ता निस्वार्थ भाव से जूटे रहते है। जिला प्रशासन की टीम के साथ तालमेल मिलाकर पूरे सावन जलाभिषेक की प्रक्रिया पूरी कराते हैं। इस बार भी जिला प्रशासन की टीम मंदिर कमेटी के टीम के साथ साथ सभी सेवादलों के प्रमुख सदस्यों के साथ बैठक कर रणनीति बनाकर काम कर रही है, क्योंकि इस बार सभी शहर वासियों के साथ साथ प्रशासन को भी इस बात का एहसास है कि करीब 2 वर्ष के अंतराल पर जलाभिषेक हो रहा है तो शिव भक्तों की भीड़ कहीं ज्यादा ही रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार/मनोज

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