मप्रः पेयजल की प्रतिदिन आपूर्ति करें सुनिश्चितः शिवराज

मप्रः पेयजल की प्रतिदिन आपूर्ति करें सुनिश्चितः शिवराज


- मुख्यमंत्री ने की बड़वानी में क्रियान्वित पहुँच अभियान और मिशन उम्मीद की सराहना

कहा- पहुँच अभियान और मिशन उम्मीद का सभी जिलों में हो प्रभावी क्रियान्वयन

भोपाल, 23 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जनता को प्रतिदिन पीने का पानी मिले, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। पानी की आपूर्ति नल, टैंकर, ट्यूबवेल से हो या फिर परिवहन करना पड़े, जो भी व्यवस्था आवश्यक है, वह करें और प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री चौहान ने सोमवार को राजगढ़ और बड़वानी जिले की वर्चुअली समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये। बैठक में पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित और बड़वानी कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा तथा जिले के अधिकारी बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने बड़वानी में गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक लाने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने शुरू किए गए “मिशन उम्मीद”, ग्रामीणों के समस्त आवश्यक दस्तावेज पूर्ण कराने “पहुँच अभियान” और अंकुर अभियान में वृक्षा-रोपण के लिए संचालित गतिविधियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “मिशन उम्मीद” और “पहुँच अभियान” का क्रियान्वयन अन्य जिलों में भी प्रभावी रूप से किया जाए।

मुख्यमंत्री ने आकांक्षी जिलों में सभी 6 सूचकांक की स्थिति सुधार के लिए विशेष गतिविधियाँ प्राथमिकता से चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आँगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों में मूलभूत सुविधाएँ बढ़ाने के साथ, कुपोषण दूर करने जन-भागीदारी को शामिल कर जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जाए। अधिकारी-कर्मचारी, जन-प्रतिनिधि और समाज के लोगों को साथ लेकर अभियान चलाने की आवश्यकता है। हमें यह भाव विकसित करना होगा कि बच्चों के पोषण स्तर में सुधार, सरकार के साथ समाज की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि आँगनबाड़ी के बच्चों के लिए सामग्री एकत्र करने के उद्देश्य से 24 मई को भोपाल में वे स्वयं निकलेंगे। जिलों में जन-प्रतिनिधि भी आगे आये। इस प्रकार के अभियान से आँगनबाड़ियों के संचालन में सकारात्मक प्रभाव होगा।

मुख्यमंत्री ने राशन वितरण की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण और मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना का अनाज हितग्राहियों को एक साथ वितरित किया जाए। उन्होंने इस संबंध में नियमों में आवश्यक संशोधन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि गरीब का राशन कोई और खा जाए, यह सहन नहीं किया जाएगा। राशन वितरण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की सेवाएँ समाप्त की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में जिन हितग्राहियों के आवास स्वीकृत हुए हैं, उन्हें सही मूल्य पर निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर व्यवस्था स्थापित की जाए। सीमेंट-लोहा जैसी सामग्री एक साथ क्रय कर, हितग्राहियों को तुलनात्मक रूप से कम कीमत पर सामग्री उपलब्ध कराई जा सकती है। जिन लोगों को आवास आवंटित किया गया है, उनकी सूची पंचायतों में लगाये। साथ ही सभी आवंटितों को आवास आवंटन के संबंध में स्वीकृति की जानकारी उनकी ओर से चिट्ठी के माध्यम से देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवास योजना में जिन हितग्राहियों को आवंटन और पहली किस्त जारी हो गई है, उनकी प्रतिक्रियाएँ सोशल मीडिया पर लाने के लिए व्यवस्था स्थापित की जाए।

उन्होंने कहा कि पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों को बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है। मैदानी अमले में यह भाव विकसित करना होगा कि वे गरीब का मकान बनवाने में मदद कर पुण्य का कार्य कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि प्रधानमंत्री आवास, आवास प्लस आदि योजनाओं में बनने वाले आवास गुणवत्तापूर्ण हों और हितग्राहियों के आवासों का निर्माण बिना कठिनाई के पूर्ण हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत काल में बन रहे अमृत सरोवरों को आदर्श रूप में विकसित किया जाए। उनके सौंदर्यीकरण, वृक्षा-रोपण और जल-संचयन प्रणाली को विकसित करने पर विशेष ध्यान दें। प्रधानमंत्री मोदी की अद्भुत कल्पना के परिणाम स्वरूप निर्मित हो रहे अमृत सरोवरों के नजदीक 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे अवसरों पर झंडा वंदन का कार्यक्रम किया जाएगा। उन्होंने अमृत सरोवर के विकास में जन-प्रतिनिधियों का सहयोग लेने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मियों से संवाद स्थापित कर उनकी आगे की पढ़ाई के लिये मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा केरियर काउंसलिंग देने की व्यवस्था को स्थापित करना आवश्यक है। उन्होंने एक जिला-एक उत्पाद में राजगढ़ जिले में संतरा और बड़वानी में अदरक की बेहतर मार्केटिंग, ब्रांडिंग और किसानों को सही दाम दिलाने आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूह की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने जिले की आवश्यकता और मांग के अनुसार कार्य-योजना बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि अपराधियों और माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही आवश्यक है। गुंडों से मुक्त भूमि गरीबों को उपलब्ध कराई जाएगी। अवैध कब्जे वाली भूमि गुंडों से छीनेंगे और गरीबों में बाँटेंगे। यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि अतिक्रमण हटाने में गरीब प्रभावित न हों। गरीबों के जीवन-यापन का ध्यान रखते हुए उनके पुनर्वास की पुख्ता व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सद्भावना बनाए रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समाज में खाई पैदा करने वाले, विभिन्न धर्मों, जातियों, समुदायों को एक दूसरे के विरुद्ध भड़काने वालों एवं भ्रमित करने वालों, विद्वेष फैलाने वालों और समाज को तोड़ने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए। समाज को एकरस रखना, शांति और सामाजिक समरसता बनाए रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

राजगढ़ जिले की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलापूर्ति के संबंध में जनता से निरंतर संवाद बनाए रखें। जनता की संतुष्टि स्तर को जाँचते रहें। उन्होंने कुंडालिया और मोहनपुरा जलप्रदाय योजनाओं में विलम्ब की जानकारी प्राप्त होने पर एल एण्ड टी के साथ वर्चुअली बैठक करने के निर्देश दिए। आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी पर 7 कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त की गई।

बड़वानी जिले की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन में उपयोग की जा रही सामग्री और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने नर्मदा नदी के किनारे प्राकृतिक खेती को वृहद रूप में लेने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि 25 मई को बड़वानी का गौरव दिवस मनाया जा रहा है। इस आयोजन में अंकुर अभियान में 60 हजार पौधे लगाने की योजना है। ड्रिप इरिगेशन द्वारा इन पौधों की सिंचाई की व्यवस्था की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश

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