चीनी विदेश मंत्री भारत की यात्रा के बाद नेपाल पहुंचे, अमेरिकी निवेश से चिंता

चीनी विदेश मंत्री भारत की यात्रा के बाद नेपाल पहुंचे, अमेरिकी निवेश से चिंता


चीनी विदेश मंत्री भारत की यात्रा के बाद नेपाल पहुंचे, अमेरिकी निवेश से चिंता


काठमांडू, 26 मार्च (हि.स.)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी भारत यात्रा के बाद शुक्रवार को नेपाल पहुंचे। उनके नेपाल पहुंचने पर स्थानीय विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए शुक्रवार काठमांडू पहुंचे। यहां पहुंचने पर विदेश सचिव भारत राज पौडयाल ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया है।

वांग की नेपाल यात्रा नेपाल द्वारा मिलेनियम चैलेंज कारपोरेशन (एमसीसी) के समझौते की पुष्टि करने की पृष्ठभूमि में हुई है। जो अमेरिका से काठमांडू को 500 मिलियन अमरीकी डालर की विकास सहायता का अनुदान है। जिसे चीन के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक चीनी विदेश मंत्रालय ने यह निष्कर्ष निकाला है कि नेपाल में चीन की पकड़ कमजोर हो रही है। जिसके तहत राष्ट्रपति शी जिनपिंग मौजूदा स्थिति को बदलने के तरीकों को तलाशने के लिए विदेश मंत्री वांग यी को काठमांडू भेज रहे हैं। साथ ही बताया गया है कि काठमांडू में वांग का मुख्य एजेंडा बीजिंग की भू-राजनीतिक और सुरक्षा चुनौतियों का पुनर्मूल्यांकन करना है। वो यहां राजनीतिक माहौल का भी जायजा लेंगे।

गौरतलब है कि नेपाल में बीआरआई परियोजनाओं का क्रियान्वयन बीजिंग के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन अब बीजिंग इस काम्पेक्ट की मंजूरी से पैदा हुई सुरक्षा चुनौतियों को लेकर चिंतित है। काठमांडू में चीन के राजनयिक कोर से जुड़े चीनी अधिकारी ने बताया कि काम्पैक्ट के समर्थन की अगुवाई में, नेपाल को संभालने वाली चीनी एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी थी। उन्होंने यह भी कहा कि बीजिंग और चीनी दूतावास के बीच दूरियां लगातार बढ़ रही है।

नेपाली संसद अमेरिका की मंशा के तहत ही समझौते को मंजूरी दी है। बीजिंग इस समझौते को लेकर चिंतित है और उसने इसे रोकने की कई कोशिशें की हैं। चीन को घेरने के लिए अमेरिका रणनीतिक रूप से नेपाल में 500 मिलियन अमरीकी डालर का निवेश कर रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार/ अजीत तिवारी

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