पहली बार श्री राम कथा को सुनने पहुंचे मुस्लिम समाज के लोग भी

मुरादाबाद। मुरादाबाद में सात दिनों से जारी रामकथा में अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है रामकथा को सुनने के लिए मुस्लिम समाज भी पहुँचे हैं ! मुरादाबाद के सिविल लाइन्स इलाके में एक समाजसेवी द्वारा आयोजित रामकथा के आयोजन में मुस्लिम समाज के लोग भी रामकथा के पंडाल के अंदर कुर्सियों पर बैठकर रामकथा सुन रहे हैं! इस रामकथा को सुनने के लिए मुरादाबाद मंडलायुक्त भी वहां पहुँच गए और रामकथा सुनी! कथावाचक रामकथा सुनाते हुए भजन गा रहे थे और सभी श्रद्धालु बड़े ध्यान से रामकथा सुनते दिखाई दे रहे थे और भजनों पर झूम रहे थे! इस रामकथा का आयोजन इसलिए भी अनोखा है शायद ही ऐसी कोई रामकथा का नजारा ऐसा देखा हो! रामकथा के इस पंडाल में हिन्दुस्तान की गंगा जमुना तहजीब देखने को मिल रही है और कहीं न कहीं अयोध्या में भगवान राम मन्दिर निर्माण को अब भी मुद्दा बनाने की कोशिश में लगे लोगों को सन्देश दे रही है !

रामकथा के आयोजक समाजसेवी ललित कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 7 दिन से रामकथा का आयोजन चल रहा है और सभी धर्मों के लोग हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई श्रद्धा से भगवान् राम की कथा को सुनने आ रहे हैं भगवान राम प्रेम का सन्देश देते हैं और सभी धर्मों में प्रेम के लिए लिखा भी है तो सभी की भगवान राम के प्रति आस्था है और लगाव रखने वाले साथ के लोगों को भगवान राम की कथा सुनने के लिए हमने आमंत्रित किया है मुस्लिम धर्म के साथ साथ अन्य धर्मों के लोग भी रामकथा सुनने पिछले 7 दिन से पहुँच रहे हैं! रामकथा का अंतिम दिन है सभी को परसाद देकर विदा किया गया!

समाजसेवी व रामकथा आयोजक ललित कौशिक का ये भी कहना है कि रामकथा में बिना किसी भेदभाव और गलत मानसिकता के साथ बुलाएं! आयोजक ने आश्चर्य भरे लहजे में कहा कि मुरादाबाद में ऐसा नजारा पहली बार देखा है कि इतनी बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने आकर हिस्सा लिया। इतना ही नहीं आयोजक का ये भी कहना है कि सभी ने व्यक्तिगत मिलकर कहा है कि कोई भी कथा करायेंगे तो कंधे से कंधा मिलाकर आपके साथ होंगे।

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