"अमन" की डूबने से मौत या "हत्या"! पुलिस के लिए बना "सरदर्द", क्यों नहीं सीबीआई जांच?

विनोद मिश्रा
बांदा।
अमन की मौत का प्रकरण बांदा के चैन भरे चमन को गुस्से की लौ दे रहा है। अमन की पानी में डूबने से मौत हुई या हत्या की गई यह पुलिस विवेचना के लिये अहम गुथ्थी बन गया है, वहीं यह राजनीतिक मुद्दे की ओर भी है।भाजपा नेता के पुत्र अमन त्रिपाठी (13) की हत्या का एक सप्ताह बाद भी खुलासा न होने से पुलिस के प्रति लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। कैंडल मार्च, श्रद्धांजलि,और अमन प्रकरण पर न्याय की मांग संबंधी पोस्ट भी जमकर वायरल हो रहीं हैं।  सीबीआई जांच की मांग भी उठ रही है। 

शहर के बंगालीपुरा निवासी भाजपा सेक्टर संयोजक संजय त्रिपाठी के बेटे अमन का शव 13 अक्टूबर को केन नदी में मिला था। मृतक के माता-पिता आदि दोस्तों द्वारा ही लिवा जाकर हत्या बता रहे हैं। दूसरी तरफ पुलिस डूबने का हादसा बताने पर फिलहाल अड़ी सी हुई है। मृतक के परिजन जिन दोस्तों पर शक जता रहे हैं वह भी सत्तारूढ़ दल नेताओं के घरानों के हैं।

वैसे इस कांड के गहन तह में जाये तो अमन के वस्त्र अतर्रा रोड के एक ढाबे के पास मिलता है तो मोटर साइकिल कनवारा गांव में खड़ी मिलती है और उसका मोबाइल वहां से कुछ दूर। शव तीन दिन बाद केन नदी से बरामद होता है। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में मौत डूबने से बताई जा रहीं है। यही परिस्थितियां इस प्रकरण को रहस्य के आवरण से ढके हुये है। यदि नदी में डूबने से मौत हुई तो अमन के वस्त्र, मोटर साइकिल, मोबाइल और शव का नदी में यह सब अलग-अलग मिलना आखिर क्या दर्शाता है ?

हालांकि एसपी अभिनंदन ने इस मामलें से पर्दा उठाने के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है।

कुछ न कुछ तो खास है जिस पर हिरासत में पूछ-ताछ के लिए अमन के दोस्तो के बयानों से सामान्य तौर पर उलट साबित सी होती है। मुद्दा राजनीतिक तूल भी पकड़ रहा है। पुलिस पर तरह-तरह के आरोप भी बतौर विवेचना लग रहें हैं। इन रहस्य भरी परिस्थितियों में मामला सीबीआई को सोंपना ज्यादा हितकर और संतुष्ट कारी होगा।

Post a Comment

0 Comments