दिखा खूबसूरत दुर्लभ ब्लैक हेडेड रॉयल स्नेक, सर्पमित्र डॉ आशीष ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

अज़हर उमरी
इटावा।
आज साई कॉलोनी कचौरा रोड़ इंजीनियरिंग कालेज के पास नरेश श्रीवास्तव के घर मे देर रात्रि लगभग 8 बजे एक अजीब से सर्प के दिखाई देने की सूचना मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया के स्टेट कोर्डिनेटर वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी को फोन पर मिली। 

शहर में पहली बार देखे गये इस प्रकार के अजीब से सर्प को देखकर घर के लोग बहुत ही डर गए। देर रात्रि उस दुर्लभ सर्प के सफल रेस्क्यू के बाद वन्यजीव विशेषज्ञ संस्था ओशन के महासचिव सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी ने घर के लोगो को बताया कि,आज देर रात्रि शहर में पकड़ा गया यह सर्प एक खूबसूरत ब्लैक हेडेड रॉयल स्नेक सर्प ही है जो कि, बिल्कुल भी जहरीला नही होता बस बेहद गुस्सैल होता है इसका जन्तु वैज्ञानिक नाम स्फेलिरोसोपिस एट्रीसेप्स है। 

कोबरा की तरह दिखने वाले इस सर्प के चार रंग होते है, ये घोड़ा पछाड़ सर्प की तरह आगे पतला बीच मे मोटा फिर आखिर में पतला होता है। इसकी खास पहचान है कि, इसका सिर काला होता है बाकी का शरीर गुलाबी और जगह जगह काला व छिटकेदार होता है।

जनपद में अब तक निकल रहे विभिन्न सर्पों की उपस्थिति व उनके इतिहास व जनपद की जैवविविधता की श्रंखला को देखते हुये इसे एक दुर्लभ सर्प कहा जा सकता है क्यों कि यह ज्यादातर राजस्थान के सीकर जिले में व रेगिस्तान के इलाके मिलता है एवं साथ ही भारत के अन्य प्रदेशों में भी इसकी उपस्थिति देखी गई है। यहाँ इसकी उपस्थिति थोड़ा सा अचंभित करती है। 

असल मे जनपद में यह सर्प कई वर्षों के बाद जनपद में दिखाई दिया है। लेकिन आज जनपद में निकले इस दूसरे सर्प को देखकर इसकी जनसंख्या के बढ़ने का एक अच्छा संकेत माना जा सकता है। आज रेस्क्यू किये गये इस दुर्लभ सर्प की लम्बाई लगभग 5 फीट थी। लेकिन इसी के साथ उन्होंने जनपद की जनता से निवेदन भी किया है कि, जनपद में किसी भी सर्प, जैसे कोबरा ,करैत या रसल वाइपर के दंश से पीड़ित होने पर किसी भी व्यक्ति को सही समय पर उपचार न मिलने पर उसकी असमय मृत्यु भी हो जाती है, अतः इस समय बरसात के मौसम में खासकर रात्रि में कहीं भी अंधेरे में जाते समय बेहद ही सावधान रहने की आवश्यकता है कृपया घर मे पुराना समान रखे हुये एरिया में या घर के बाहर कहीं भी हमेशा जूते पहनकर व टोर्च लेकर ही निकले, यदि कभी कोबरा या करैत सर्प की बाइट (दंश) हो भी जाये तो किसी भी झाड़ फूंक कर ढाक बजाने वाले ढोंगी या किसी सरसों पढ़कर फेंकने वाले तांत्रिक के पास बिल्कुल भी न जायें कृपया तत्काल ही बिना समय गंवाये ही उस पीड़ित व्यक्ति या महिला को सैफई के मिनी पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड ले जाकर भर्ती करायें। 

हाल ही में जनपद में कोबरा व करैत बाइट से दो से तीन लोगो की सही समय पर सही इलाज न मिलने पर असमय मौत भी हो चुकी है। जनपद इटावा में सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी के द्वारा लोगो को लगातार जागरूक करने का अब यह असर हो चुका है कि लोगो ने सर्पों को बिल्कुल मारना ही छोड़ दिया है अब सभी सर्पमित्र डॉ आशीष को लगातार कॉल कर 7017204213 पर सूचना देने लगे है। आज के इस सफल रेस्क्यू में विशेष रूप से सहायक आकाश दीक्षित, शिवा मौजूद रहे।

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