बरेली प्रदेश का पहला मंडल जहां एफसीआई गोदाम से सीधे कोटेदारों तक पहुंचेगा राशन

बरेली। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अन्तर्गत प्रेदश में चिन्हित लाभार्थियों को सब्सिडाइज्ड दरों पर पारदर्शी तरीकों से खाद्यान्न उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। अभी तक दो स्तरीय परिवहन हैण्डलिंग नीति से खाद्यान्न चिन्हित लाभार्थियों तक पहुँचता था। 

इस व्यवस्था के अन्तर्गत खाद्यान्न का उठान भारतीय खाद्य निगम गोदाम से ब्लॉक गोदाम तक एवं पुनः ब्लॉक गोदाम से कोटेदारों की दुकान तक उपलब्ध कराया जाता था, इससे ब्लॉक गोदामों से खाद्यान्न कम तौलकर प्राप्त होने, डाइवर्जन व कालाबाजारी की शिकायतें प्राप्त होती रहती थीं।

इस वर्ष 9 मार्च को निर्गत शासनादेश द्वारा दो स्तरीय हैण्डलिंग परिवहन नीति को परिवर्तित करते हुए सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू करने के आदेश पारित हुए एवं खाद्यायुक्त के पत्र 14 जून 2021 द्वारा सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के अन्तर्गत हैण्डलिंग एवं परिवहन ठेकेदारों की नियुक्ति हेतु शासन द्वारा निर्गत टेण्डर की शर्तें प्रेषित की गयी।

शासन एवं खाद्यायुक्त के निर्देशों के अनुपालन में बरेली मण्डल के चारों जनपदों (बरेली, बदायूँ, पीलीभीत, शाहजहाँपुर) में सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू करने हेतु खाद्य विभाग में पंजीकृत ठेकेदारों से कुल 51 ब्लॉक हेतु ई-टेण्डर आमंत्रित किये गये। टेण्डर में न्यूनतम निविदादाता के पक्ष में उक्त कार्य सम्पादित कराने हेतु आज 02 सितंबर 2021 को इस आशय का आदेश निर्गत किया गया कि प्रत्येक ब्लॉक हेतु नियुक्त सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी हैण्डलिंग एवं परिवहन ठेकेदारों द्वारा अनुबन्ध एवं जमानत की वांछित औपचारिकताएँ पूर्ण करने के बाद कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा। 

प्रत्येक ठेकेदार को इस कार्य में प्रयुक्त वाहनों पर जीपीएस लगवाना अनिवार्य होगा तथा प्रत्येक वाहन पर “राज्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न” बड़े शब्दों में लिखवाना अनिवार्य होगा। सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू होने से ब्लॉक गोदाम से कोटेदारों को कम तौलकर खाद्यान्न प्राप्त होने, खाद्यान्न का डाइवर्जन व कालाबाजारी होने की शिकायतों पर प्रभावी अंकुश लग सकेगा। यह जानकारी ज़िला आपूर्ति अधिकारी नीरज कुमार सिंह ने दी है।

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