रामपुर के दो मोहल्लों में 'कब्र बिज्जू का खौफ'

रामपुर। सिविल लाइंस स्थित पुरानी आवास विकास और फ्रेंड्स कॉलोनी में कब्र बिज्जू लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। कब्र बिज्जू लोगों के घरों पर और पेड़ों पर अक्सर रात को नजर आता है। कब्र बिज्जू की डर के कारण लोग घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखते हैं।

इसके अलावा छोटे-छोटे बच्चों को भी घर से बाहर नहीं निकलने देते हैं कब्र बिज्जू बिल्ली और छोटे-मोटे जानवरों को मारता है। इस मामले को लेकर जब वन विभाग से फोन पर बगैर बिजी को पकड़ने की बात की गई तो वन विभाग के कर्मचारियों ने कहां की अगर किसी के घर में घर में कवर बिज्जू हो तो पकड़ा जा सकता है पेड़ पर पकड़ना उसको आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा कि कचहरी के निकट विभाग में कबर बिज्जू के होने की सूचना मिली है लेकिन वह पेड़ पर चढ जाता है। इसलिए पकड़ना मुश्किल है। कब्र बिज्जू देखने में बिल्ली से मात्र थोड़ा बड़ा होता है लेकिन उसकी शक्ल और दांत बड़े भयानक होते हैं। साथ ही उसकी लंबाई से कहीं अधिक होती है। रात में कब्र बिज्जू की आंखें दो लाइट की तरह अंधेरे में चमकती हैं। अब देखना यह है कि वन विभाग कब्र बिज्जू को पकड़ता है या उसे किसी अनहोनी या हादसे का इंतजार है।

क्या है कब्र बिज्जू,यह होती है पहचान

बिल्ली के आकार के दिखने वाले कबर बिज्जू को एशियन पाम सिविट भी कहा जाता है। कबर बिज्जू सर्वाहारी होता है. जिसका मुख्य भोजन फल कंद मूल के साथ साथ छोटे कीट पतंगे भी होते हैं. निशाचरी होने के कारण माना जाता है कि यह कब्रों को खोदकर खा जाता है।

कब्र बिज्जू जीव की एक प्रजाति है, जो जमीन में गड़े मुर्दों को खाती हैं। ये बिज्जू इतने शातिर होते हैं कि जमीन में कई-कई फुट गहरे सुरंगनुमा गड्ढे खोद देते हैं और जमीन में दबी कब्रों तक पहुंच जाते हैं। कब्रों में दबाई गई लाशों को खा जाते हैं

मई 2020 में संभल जिले में दिखा था कब्र बिज्जू

पवांसा के करीबी गांव मुजफ्फरपुर में मई 2020 में बुधवार की सुबह नौ बजे बजे एक कब्र बिज्जू को लोगों ने पेड़ पर देखा। उसे देखने के लिए पूरे गांव के लोग एकत्र हो गए। आसपास के गांवों से भी लोग आने लगे। दोपहर साढ़े ग्यारह बजे मौके पर पांच सौ से अधिक लोग पहुंच गए थे। कब्र बिज्जू यूकेलिप्टस के पेड़ पर करीब 20 फुट की ऊंचाई पर था। पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंच गई।

कब्र बिज्जू को पकड़ने के लिए वन विभाग के पास कोई इंतजाम नहीं था। गांव के लोगों से रस्सी लेकर पेड़ पर बांधी गई ताकि पेड़ को हिलाया जाए और कब्र बिज्जू नीचे आए लेकिन पेड़ हिलाने का कब्र बिज्जू पर कोई असर नहीं हुआ और कब्र बिज्जू को उतारने के लिए करीब दो घंटे तक प्रयास जारी रहा। अंत में पेड़ काटने का निर्णय लिया गया। ग्रामीण के सहयोग से पुलिस और वन विभाग ने अपनी मौजूदगी में पेड़ कटवाया और कब्र बिज्जू जब नीचे गिरा तो उसे पकड़ने के लिए वन विभाग के कर्मचारी ने प्रयास किया। कब्र बिज्जू पर बोरा ढका लेकिन उसने उनके हाथ में हमला कर दिया। हाथ में चोट आई है। इस बीच लोग गुस्से में आ गए और कब्र बिज्जू को लाठी और कुल्हाड़ी से मारने का प्रयास करने लगे तब पुलिस एक्शन में आ गई और पुलिस ने उन लोगों को फटकारा जो लाठी से उसे मारना चाहते थे।

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