एक करोड़ की बीमा रकम हड़पने को मार डाला था सुपरवाईजर को, चार गिरफ्तार

मुरादाबाद। इसी आठ सितंबर की रात्रि 10.30 बजे पाकबडा से डींगरपुर को जाने वाले रोड पर ग्राम बकैनिया के पास खून से लथपथ एक युवक की लाश मिली थी। शव पर धारदार हथियार से अनेक वार के निशान थे। जबकि हत्या को बदमाशोें ने सड़क दुर्घटना का रुप देने का प्रयास किया था। बाद में मृतक की पहचान जालेन्द्र सिंह ( 31 वर्ष )पुत्र स्व. निर्मल सिंह निवासी निकट यादव धर्मशाला ग्राम व थाना असमौली, सम्भल के रुप में हुई । मृतक के छोटे भाई जोगेन्द्र सिंह ने मुकदमा पंजीकृत कराया।

घटना के अनावरण हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी हाईवे के नेतृत्व व पर्यवेक्षण में थाना पाकबडा व एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गयी। उच्चाधिकारीगण के निर्देशन में कार्य करते हुए थाना पाकबडा व एसओजी की संयुक्त टीम ने इस अज्ञात हत्याकांड का सफल खुलासा करते हुए घटना कारित करने वाले वीर सिंह उर्फ बिट्टू पुत्र जगदीश सिंह. पुष्पेन्द्र उर्फ पिक्कू पुत्र जगदीश सिंह निवासीगण ग्राम कुडेमाफी थाना नौगावा सादात, अमरोहा.राजीव चौहान पुत्र राजपाल सिंह निवासी ग्राम ताहरपुर थाना हसनपुर, अमरोहा.इन्द्रपाल उर्फ करन पुत्र जल सिंह निवासी ग्राम चकौरी थाना हसनपुर, अमरोहा को गिरफ्तार किया और घटना में प्रयुक्त बुलेरो गाडी व ईंट तोडने वाली वसूली (आला कत्ल) बरामद किये गये तथा मुख्य आरोपी राजीव कुमार पुत्र घासीराम निवासी ग्राम व थाना असमौली जिला सम्भल मुअसं 39/2021 धारा 365 भादवि थाना असमोली में बीस सितंबर को जेल भेजा गया था।

घटना का अनावरण

मृतक जालेन्द्र सिंह थाना क्षेत्र पाकबडा में ग्रोथ सेन्टर में दीवान सन्स कम्पनी में स्टोर सुपरवाईजर के रुप में पिछले करीब एक वर्ष से नौकरी करता था तथा जालेन्द्र सिंह अपने बीवी व बच्चो के साथ ग्राम समाथल में एक किराये का कमरा लेकर रहता था। घटनास्थल के आस पास सभी रास्तो पर सीसीटीवी फुटेज चैक किये गये जिनमें जालेन्द्र सिंह की स्कूटी पर एक व्यक्ति सवार,एक व्यक्ति स्कूटी के साथ मोटर साईकिल पर चलता हुआ तथा इन दोनो के पीछे पीछे एक सफेद रंग की बुलेरो गाडी जाती दिखायी दी। सीसीटीवी व सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों की गिरफ्तारी की गयी।
राजीव कुमार मृतक जालेन्द्र सिंह को पूर्व से जानता था। जालेन्द्र सिंह के बीमें राजीव कुमार ने किये थे । राजीव कुमार ने अपने जेल के साथी वीर सिंह उर्फ बिट्टू व बिट्टू के खास मित्र राजीव चौहान के साथ मिलकर जालेन्द्र सिंह की हत्या करने की योजना बनाई। राजीव कुमार ने बिट्टू व राजीव चौहान को इस हत्या करने के लिए तीन लाख रुपये देने का वायदा किया। इस घटना को अंजाम देने के लिए दिनांक 28 अगस्त को राजीव कुमार ने वीर सिंह उर्फ बिट्टू व राजीव चौहान को टीएमयू पाकबडा के पास बुलाया और पूरी योजना समझायी तथा घटना करने वाले दिन अपने साथ कम से कम दो या तीन और लोगो को लाने के लिए कहा। योजना के तहत 08 सितंबर को वीर सिंह उर्फ बिट्टू अपने साथ अपने छोटे भाई पुष्पेन्द्र उर्फ पिक्कू तथा राजीव चौहान अपने साथ इन्द्रपाल उर्फ करन को पाकबडा जीरो पाइंट साथ लेकर आये। कुछ देर इन्तजार के बाद राजीव कुमार एक बुलेरो गाडी नं0 UP21 BA 4622 से जीरो प्वाइंट पर आया । पहले तो इन पांचो बदमाशो ने शराब पी, फिर समय आठ बजे डींगरपुर रोड पर ग्रोथ सेन्टर के आस पास जालेन्द्र सिंह के फैक्ट्ररी से काम करके वापस आने का इंतजार करने लगे। जालेन्द्र सिंह अपनी फैक्ट्ररी से रात्रि 8.30 बजे अपने घर जाने को अपनी स्कूटी से निकला। ग्राम बकैनिया के पास ये लोग जालेन्द्र सिंह को मिले और योजना के तहत उससे बात करते हुए उसे अपनी बुलेरो गाडी में आगे की सीट पर बैठा लिया। राजीव चौहान बुलेरो गाडी चला रहा था, वीर सिंह उर्फ बिट्टू व राजीव कुमार बुलेरो की बीच वाली सीट पर बैठे थे,इन्द्रपाल उर्फ करन ने जालेन्द्र सिंह की स्कूटी ले ली थी और पुष्पेन्द्र सिंह उर्फ पिक्कू अपनी मोटर साईकिल से बुलेरो के साथ साथ चल रहा था। राजीव कुमार चलती गाडी में लगातार जालेन्द्र सिंह पर इन्श्योरेंस के कागजो पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बना रहा था। पहले तो जालेन्द्र सिंह ने हस्ताक्षर करने को मना किया, परन्तु राजीव कुमार के ज्यादा दबाव बनाने पर उन कागजो पर हस्ताक्षर कर दिये। हस्ताक्षर करते ही वीर सिंह उर्फ बिट्टू व राजीव कुमार ने अपनी बुलेरो गाडी मे रखी दो ईंट तोडने वाली वसूली लेकर आगे बैठे जालेन्द्र सिंह के सिर पर अनेको बार गम्भीर वार किये जिससे कि जालेन्द्र सिंह की गाडी मे ही मृत्यु हो गयी। इन्द्रपाल उर्फ करन व पुष्पेन्द्र उर्फ पिक्कू इस दौरान लगातार रास्ते मे आने जाने वाले लोगो व वाहनो की निगरानी करते रहे। जालेन्द्र सिंह की मृत्यु होने पर उसकी लाश डींगरपुर रोड पर ही HCS ब्रेड फैक्टरी के आगे सडक किनारे फैंक दी और इन्द्रपाल उर्फ करन ने जालेन्द्र सिंह की स्कूटी लाश के बिल्कुल पास रख एक्सीडेन्ट दिखाने का प्रयास किया।
पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि राजीव कुमार ने जालेन्द्र सिंह के तीन टर्म-प्लान(बीमा) कीमत करीब 01 करोड 66 लाख (1,66,22,250/-) के करा रखे थे, जिनमें से एक बीमा पर हस्ताक्षर हत्या वाले दिन ही कराये थे। इन बीमों में मोबाईल नंबर व पता जालेन्द्र सिंह का न देकर अपना दिया था। इन बीमो के विषय में जालेन्द्र सिंह के किसी भी परिजन यहां तक कि उसकी पत्नी आंचल तथा इन बीमो में नोमिनी (Nominee) जालेन्द्र सिंह की मां तक को भी कुछ नहीं पता था । जालेन्द्र सिंह की हत्या करके उसके परिवार को धोखे मे रखकर उसके बीमों की रकम हडप लेने की राजीव कुमार की योजना थी।
जांच में यह तथ्य भी प्रकाश मे आये कि राजीव कुमार द्वारा पूर्व में भी इसी प्रकार बीमा की रकम के लिये अपने साले शैलेश की हत्या की गयी थी जिसमें मुअसं-324/17 धारा 302 भादवि थाना नौगावा सादात, अमरोहा से जेल भेजा गया था। वर्तमान में राजीव कुमार के मृतक साले की पत्नी पिंकी भी लापता है। इसी सम्बन्ध में पंजीकृत मुअसं 39/2021 धारा 365 भादवि थाना असमौली, सम्भल से जेल भेजा गया है।

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