दैनिक जीवन में अधिकाधिक प्रयोग से सि‍रमौर बनेगी हिंदी: प्रदीप वैरागी

शाहजहांपुर।  अंतरराष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर नगर उद्योग व्यापार मंडल की ओर से कवि, साहित्यकारों और पत्रकारों को उनके द्वारा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और अतुलनीय हिंदी सेवाओं के लिए अंग वस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जनपद के वरिष्ठ कवि और साहित्यकार रामबाबू शुक्ला राष्ट्रवादी कवि और साहित्यकार प्रदीप वैरागी, साहित्यिक संस्था सृजन के अध्यक्ष आर एल श्रीवास, हरिओम त्रिवेदी, आशुतोष शुक्ला स्वतंत्र विषेक मिश्रा को विशेष रुप से माल्यार्पण और अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

नगर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री पवन कुमार मिश्रा ने कवियों और पत्रकारों को माल्यार्पण और अंग वस्त्र प्रदान कर उनका अभिनंदन करते हुए कहा कि पत्रकार और साहित्यकार हिंदी सेवा के माध्यम से राष्ट्र सेवा का पुनीत कार्य कर रहे हैं। सभी हिंदी सेवी सम्मान के योग्य हैं। बहुत ही चिंता का विषय है कि हिंदुस्तान में ही आज हम सबको हिंदी दिवस मनाना पड़ रहा है। सभी को अधिक से अधिक हिंदी के प्रयोग पर बल देना चाहिए सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के अलावा आपस में परिचर्चा के समय भी अंग्रेजी की दिखावटी दुनिया से दूर हिंदी संस्कृति और भाषा के विकास हेतु हिंदी बोली के लेखन और पठन पाठन पर बल देना चाहिए।

जनपद के वरिष्ठ कवि और साहित्यकार कवि रामबाबू शुक्ला ने कहा हिंदी परिमार्जित है परिष्कृत है हमें हिंदी का प्रयोग गर्व से करना चाहिए। साहित्यिक संस्था सृजन के अध्यक्ष आर एल श्रीवास ने कहा हिंदी हमारी मातृभाषा ही नहीं बल्कि जीवन पद्धति की अभिव्यक्ति  का एक सशक्त माध्यम है।

राष्ट्रवादी कवि और साहित्यकार प्रदीप वैरागी ने कहा कि हमें किसी भी भाषा को सीखने में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए। हमें सदैव यह ध्यान रखना चाहिए कि सबसे पहले हम हिंदुस्तानी हैं हिंदी हृदय में बसने चाहिए।

हमें हिंदी को महत्व देना चाहिए हम यह बिल्कुल नहीं कहते कि आप अंग्रेजी या अन्य भाषाएं न सीखे हमें अधिक से अधिक भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए लेकिन दिल में सिर्फ हिंदी और हिंदुस्तान बसना चाहिए।

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