सीएम योगी ने कहा- नए भारत का नया उत्तर प्रदेश

हापुड़/अमरोहा। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार प्रदेश के हापुड़ और अमरोहा में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं पिछली परिपाटी देखकर ताज्जुब कर रहा था कि घंटा नहीं बजने देंगे, शंख नहीं बजेगा, जूलूस नहीं निकलने देंगे और डीजे नहीं बजने देंगे। मैंने कहा कि अब आप इसे अलग रखिये. मैं आदेश करता हूं कि ये सब बजेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज आप देखते होंगे दुर्गा पूजा का आयोजन, गणेश पूजन कार्यक्रम, दीपावली के समय लक्ष्मी पूजा या कांवड़ यात्रा का कार्यक्रम हो सब सकुशल सम्पन्न हो रहे हैं। हमने सबसे कहा कि हर वर्ग, मत और मजहब के लोग अपने-अपने त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं, कोई बाधा नहीं है।
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हापुड़ में लगभग 342 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास के मामले में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। हम सभी के जीवन में विकास ही सुख और समृद्धि लाएगा। इसका कोई विकल्प नहीं है।

नए भारत का नया उत्तर प्रदेश

सीएम योगी ने कहा कि जनपद हापुड़ की अपनी जो पहचान है, उसके साथ यहां का नागरिक आगे बढ़ेगा। हम प्रदेश के समृद्धतम जनपदों की श्रेणी में हापुड़ को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है, जहां विकास और सुशासन के लिए जगह होगी।

अब प्रदेश में कहीं नहीं होता दंगा

सीएम योगी ने कहा, आज प्रदेश में दंगा नहीं होता. भय का वातावरण नहीं है, अराजकता-गुंडागर्दी नहीं है। हमने दंगामुक्त प्रदेश बनाने का जो संकल्प लिया था, उसे अक्षरशः पूरा किया है. प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा की गारंटी होगी. नागरिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं होगी।

अमरोहा विभिन्न विकास योजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास 

अमरोहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमरोहा में भी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया और लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किया। सीएम योगी ने जनसभा को भी संबोधित किया। इससे पहले गौतमबुद्धनगर में उन्होंने सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण व राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और सद्भाव मंडप का उद्घाटन किया था।

सीएम योगी के भाषण के मुख्य अंश

जो कौम अपने इतिहास व परंपराओं को विस्मृत कर देती है, वह अपने भूगोल की रक्षा भी नहीं कर पाती है।
महापुरुषों को कभी जातीय सीमाओं में कैद नहीं करना चाहिए. उनका महान बलिदान किसी व्यक्ति या परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए होता है।
तालिबानियों जैसे मजहबी अराजक तत्व पूरी मानव-जाति के लिए खतरा हैं।
यदि राष्ट्रधर्म पर आंच आई तो कोई व्यक्ति, जाति या मजहब सुरक्षित नहीं रहेगा।
यदि किसी को लगता है कि देश की सुरक्षा खतरे में आ जाए तब भी वह सुरक्षित रह लेगा, तो यह उसकी गलतफहमी होगी।
इतिहास में हुई लीपापोती को अब मिटाया जा रहा है।

Post a Comment

0 Comments